श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

26 नवंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

जौं मन बच क्रम मम उर माहीं ।
तजि रघुबीर आन गति नाहीं ।।
तौं कृसानु सब कै गति जाना ।
मो कहुँ होउ श्रीखंड समाना।।
( लंकाकांड 108/4)
जय श्री राम 🙏🙏
श्री राम जी ने रावण का वध कर दिया है, श्री राम जी ने हनुमान जी व विभीषण को माता सीता जी को सादर लिवा आने के लिए कहा है। माता सीता जी आती हैं , श्री राम जी लोकमत को ध्यान में रखकर अग्नि परीक्षा के लिए कहते है, भैया लक्ष्मण जी अग्नि लाते हैं। माता सीता जी कहती हैं कि मन , वचन व कर्म से यदि मेरे हृदय में श्री राम जी को छोड़ कर किसी अन्य का आश्रय नहीं है तो हे अग्नि देव , आप सबके मन की गति जानते हैं , मेरे लिए चंदन के समान शीतल हो जाएँ ।
बंधुओं ! मन वचन कर्म से यदि आप भी श्री राम जी की भक्ति में लगें हैं तो आपके जीवन में ताप की जगह शीतलता आ जाएगी, प्रतिकूल परिस्थिति भी आपके अनुकूल हो जाएगा । अतः! मन वचन कर्म से श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहें । अथ……श्री राम जय राम जय जय, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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