श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

3 दिसम्बर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

गयउ गरुड़ जहँ बसइ भुसुंडा,
मति अकुंठ हरि भगति अखंडा।
देखि सैल प्रसन्न मन भयऊ ।
माया मोह सोच सब गयऊ ।।
( उत्तरकांड 62/1)
राम राम जी 🙏🙏
लंका युद्ध के समय श्री राम जी को नागपाश में बंधा देख गरुड़ जी को मोह हो गया। महर्षि नारद जी ने उन्हें भगवान शिव जी के पास तथा भगवान शिव जी ने उन्हें काकभुसुंडि जी के पास भेजा। गरुड़ जी वहाँ गये जहाँ निर्बाध बुद्धि और पूर्ण भक्ति वाले काकभुसुंडि रहते थे । उस पर्वत को देख उनका मन प्रसन्न हो गया और उनका दर्शन होते ही माया , मोह और चिंता आदि सब दूर हो गई ।
आत्मीय जन ! भगवान का भक्त केवल भगवान का होता है, उसके पास माया , मोह आदि नहीं ठहरती हैं । आप भक्ति नहीं कर पा रहें हैं तो कोई बात नहीं, केवल श्री सीताराम जी के भक्त का संग कर लें, आपके भी सारे दोष दूर हो जाएगी तथा अपने मन को निरन्तर श्री सीताराम नाम भजन में लगा दें तो भक्ति भी प्राप्त हो जाएगी। अस्तु….श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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