14 दिसंबर.श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सुनहु राम स्वामी सन
चल न चातुरी मोरि ।
प्रभु अजहूँ मैं पापी
अंतकाल गति तोरि ।।
( किष्किंधाकांड, दो. 9)
राम राम जी🙏
श्री राम जी ने बाण मारकर बालि को घायल कर दिया है । बालि ने कुछ प्रश्न किए हैं, श्री राम जी ने उसका जबाब दिया। परन्तु बालि अंत में कहता है कि श्री राम जी सुनिए! आपसे मेरी चतुराई नहीं चल सकती है। हे प्रभु, अंतकाल में आपकी शरण पाकर क्या मैं अब भी पापी ही रहा ।
आत्मीय जन ! श्री राम जी से चतुराई नहीं सिधाई चलती है और अंत काल की बात छोड़ दें जब भी आप श्री राम जी की शरण ले लेते हैं तो आप सर्वविध निष्पाप यानि पाप रहित हो जाते हैं। अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

