श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

12 जन: श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

काल धर्म नहिं ब्यापहिं ताही।
रघुपति चरन प्रीति अति जाही ।।
नट कृत बिकट कपट खगराया ।
नट सेवकहि न ब्यापइ माया ।।
( उत्तरकांड 103/4)
राम राम जी 🙏🙏
काकभुसुंडि जी गरूड़ महाराज को अपने पूर्व जन्म की कथा सुना रहे हैं , उस समय कलियुग था , हर ओर अनीति व्याप्त थी । वे कहते हैं कि जिनकी राम चरणों में अत्यंत प्रीति होती है उसे युग धर्म नही व्यापते हैं ।हे गरूड़ जी! जादूगर का किया हुआ कपट चरित्र देखने वालों के लिए बड़ा विकट होता है परंतु जादूगर के सेवक को उसकी माया नहीं व्यापती है ।
आत्मीय जन ! जैसे जादूगर का खेल दूसरों को तो प्रभावित करता है परंतु उसका सेवक उससे अप्रभावित रहता है उसी तरह से श्री राम जी की माया सबको व्यापती है परंतु श्री राम सेवक पर कोई प्रभाव नहीं डाल पाती है । अतः श्री राम सेवक बन कर माया से मुक्त रहें और श्री राम जी के कृपापात्र बने। अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम जय सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

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