5 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जब तें रामु ब्याहि घर आए ।
नित नव मंगल मोद बधाए ।।
भुवन चारिदस भूधर भारी ।
सुकृत मेघ बरषहिं सुख बारी ।।
( अयोध्याकाण्ड, पहली चौपाई)
राम राम 🙏🙏अयोध्याकाण्ड प्रारंभ करते हुए तुलसीबाबा राम जी की वंदना करने के बाद कहते हैं कि जब से राम जी विवाह करके घर वापस आए हैं तब से अयोध्या में रोज़ मंगल व आनंद हो रहा है । चौदहों लोकरूपी बड़े पर्वतों पर पुण्य रूपी मेघ सुख रूपी जल की वर्षा कर रहें हैं ।
राम जी सीता जी सहित जहाँ भी विराजेंगे वहाँ सुख ही सुख होगा , प्रतिदिन आनंद की वर्षा होगी । आप भी श्रीसीताराम जी को अपने घर में , ह्रदय में बैठा कर देखें , आपके जीवन में भी सुख व समृद्धि की वर्षा होने लगेगी । अस्तु! सीताराम जी को अपने घर बुलाइए । अथ ! सीताराम जय सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

