15 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
राम नाम बिनु गिरा न सोहा ।
देखु बिचारि त्यागि मद मोहा ।।
बसन हीन नहिं सोह सुरारी ।
सब भूषन भूषित बर नारी ।।
( सुंदरकांड 22/2)
राम राम 🙏🙏
हनुमान जी को नागपाश से बांध कर मेघनाद रावण के दरबार में लाया है । रावण के प्रश्नों का उत्तर देने के बाद हनुमान जी रावण को समझाते हुए कहते हैं कि रामनाम के बिना वाणी शोभा नहीं पाती है । मद मोह को छोड़ विचार कर देखो। हे देवताओं के शत्रु ! सब गहनों से सजी हुई सुंदर स्त्री भी बिना कपड़ों के शोभा नहीं पाती है उसी तरह सब कुछ होते हुए यदि हमने राम नाम नहीं अपनाया है तो हमारी वाणी की कोई शोभा नहीं है और बिना वाणी के हम भी अशोभनीय रहते हैं ।
अतएव वाणी व स्वयं शोभित होना चाहते हैं तो राम अपनाएँ , राम गाएँ । अथ ! जय जय राम , जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

