श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

23 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

कोटि बिप्र बध लागहिं जाहू ।
आएँ सरन तजउँ नहिं ताहू ।।
सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं
जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं ।।
( सुंदरकांड 43/1)
राम राम 🙏🙏
विभीषण के राम जी के ख़ेमे में आने पर सुग्रीव संदेह प्रकट करते हैं । राम जी उन्हें समझाते हैं । राम जी कहते हैं कि जिसे करोड़ों ब्राह्मणों की हत्या का पाप लगा हो , वह भी मेरी शरण में आ जाता है तो मैं उसे ठुकराता नहीं हूँ । जीव जब मेरे में लगता है तब उसके करोड़ों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं ।
जब आपके जीवन में सत , सतोगुण बढ़े तभी समझना कि आप राम सम्मुख हुए हैं । हम तमो गुणी हैं, केवल घर में राम जी की फ़ोटो या विग्रह रखने से राम सम्मुख नहीं हुआ जाता हैं । अत: अपने में सत बढ़ाएँ , राम बढ़ाएँ तब पापों से मुक्ति पाएँ । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

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