श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

10 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

कलिजुग सम जुग आन नहिं
जौं नर कर बिस्वास ।
गाइ राम गुन गन बिमल
भव तर बिनहिं प्रयास ।।
( उत्तरकांड, दो. 103)
राम राम 🙏🙏
अपने मोह की कथा सुनाने के बाद काकभुसुंडि जी गरूड़ महराज को अपने पहले जन्म की कथा सुना रहें हैं । उस समय कलियुग था । वे कहते हैं कि यदि मनुष्य विश्वास करे तो कलियुग के समान कोई दूसरा युग नहीं है । इस युग में राम जी के निर्मल गुणों को गा कर बिना श्रम के मनुष्य संसार सागर पार कर जाता है ।
राम गुणगान मनुष्य को निर्मल बनाता है , निर्मल मनुष्य संसार के मल में फँसता नहीं है और वह किसी अन्य उपाय के बिना ही संसार सागर पार कर लेता है। अत: कलियुग हो या कोई और युग , बस राम गुणगान करें , राम गुणगान में लगें । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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