23 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जद्यपि प्रभु के नाम अनेका ।
श्रुति कह अधिक एक तें एका ।।
राम सकल नामन्ह तें अधिका ।
होउ नाथ अघ खग गन बधिका ।
( अरण्यकांड 41/4)
राम राम 🙏🙏
सीता जी को खोजते हुए राम जी पंपा सरोवर पहुँचते हैं । वहीं नारद जी राम जी से मिलने आते हैं और उनसे यह वर माँगते हैं कि यद्यपि प्रभु के अनेक नाम हैं तथा वेद पुराण कहते हैं कि सब एक बढ़कर एक प्रभावशाली हैं । परंतु यह वरदान दीजिए कि राम नाम सभी नामों से बढ़कर हो तथा पाप रूपी पक्षियों के समूह के लिए वधिक के समान हो ।
परम ब्रह्म राम जी से नारद जी ने यह वर माँगा था कि राम नाम सब नामों से बढ़कर हो । यह जीव के पाप समूहों को नष्ट करने में सर्वाधिक कारगर हो । अस्तु! जो भी अपने पापों का दमन करना चाहते हैं , उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो यह सरल उपाय कर लें । बस रटें, राम रटें , राम राम रटें । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

