श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

25 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

अवसि चलिअ बन रामु जहँ
भरत मंत्रु भल कीन्ह ।
सोक सिंधु बूडत सबहि तुम्ह
अवलंबनु दीन्ह ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. 184)
राम राम 🙏🙏
दशरथ जी की सब क्रिया करने के उपरांत वशिष्ठ जी ने भरत को अयोध्या का राज सम्हालने को कहा है । भरत जी कहते हैं कि मुझे एक ही पीड़ा दुख दे रही है कि मेरे कारण सीताराम जी दुखी हुए और बिना उनसे मिले मेरे ह्रदय को शांति नहीं मिलेगी । इसे सुनकर सभी लोग कहते हैं कि भरत जी ! आपने बहुत अच्छा सोचा , वन को अवश्य चलें जहाँ राम जी हैं , शोक के सागर में डूबते हुए हम लोगों को आपने सहारा दे दिया ।
राम जी से बड़ा इस जगत में कोई दूसरा सहारा नहीं है । अत: सुख हो या दुख , सदा राम सहारे रहें । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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