श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी के 52वें सलाना समागम पर सजा दीवान
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी का 52वां सलाना समागम श्री गुरु सिंह सभा ऐतिहासिक गुरुद्वारा नाका हिन्डोला लखनऊ में बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर प्रातः 6.30 बजे श्री सुखमनी साहिब के पाठ के उपरान्त हजूरी रागी भाई राजिन्दर सिंह जी ने अपनी मधुरवाणी में आसा की वार का अमृतमयी शबद कीर्तन गायन किया।
विशेष रूप से पधारे रागी जत्था भाई अनंत वीर सिंह जी यू एस ए वालों ने (1)- हम बैठे तुम देहो असीसा,तुम राजा राजन के इसा।। (2)- सुखमनी सुख अमृत प्रभु नामु भगत जना कै मनि बिस्राम।। एवं भाई सिमरप्रीत सिंह जी हजूरी रागी श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर जी ने (1)- हरि की बडीआई देखो संतहु हरि निमाणिआ माण देवाए ।।
(2)- प्रभ हरि मंदर सोहणा मोती हीरा निरमला कंचन कोट रीसाल।।शबद कीर्तन गायन कर समूह संगत को निहाल किया। कथावाचक ज्ञानी सुखदेव सिंह जी ने श्री गुरू ग्रन्थ साहिब में दर्ज बाणी सुखमनी साहिब का कथा व्याख्यान करते हुए दिल को छू देने वाले विचार व्यक्त किये। श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी के सदस्यों एवं माता गुजरी सत्संग सभा की सदस्याओं ने भी शबद कीर्तन गायन किया।
लखनऊ गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष स0 राजेन्द्र सिंह बग्गा जी ने सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी के सदस्यों द्वारा 52वां गुरमति समागम मनाए जाने पर हार्दिक आभार व्यक्त किया। ज्ञानी सुखदेव सिंह जी ने रागी जत्थों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी के मुख्य सेवादार मनमीत सिंह बंटी ने आई संगतों एवं निष्काम सेवा संस्थाओं सिक्ख सेवक जत्था, दशमेश सेवा सोसाइटी,सिक्ख यंग मेन्स एसोसिएशन,यूथ खालसा एसोसिएशन,अम्रत सेवक जत्था एवं खालसा इंटर कालेज का आभार व्यक्त किया समाप्ति के उपरांत गुरु का लंगर वितरित किया गया।

