संस्था परिवार के साथी ग्रामोदय आश्रम अवधेश मिश्रा का आज निधन
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
शाहजहांपुर। विनोबा विचार प्रवाह के सूत्रधार रमेश भइया ने बताया कि समय जाते देर नहीं लगती , विनोबा सेवा आश्रम से शिक्षक का जीवन 1982 में शुरू कर स्वयं ग्रामोदय सेवा आश्रम की नींव मिश्रीपुर शाहजहांपुर में बाबा बाल विद्या मंदिर से डाली।अनेक कार्यक्रम चलाए । इधर कुछ दिन से शुगर की बीमारी से परेशान थे ।आज सबेरे 8 बजे कुछ दर्द उठा छोटा बेटा सोनू डाक्टर के यहां ले गए उन्होंने कहा कहीं डायलसिस की व्यवस्था करो जिला अस्पताल भागे वहां डाक्टरों ने माना कर दिया।अंततोगत्वा अवधेश भाई ( 61 ) नहीं रहे।संस्था जगत का एक मिलनसार व्यवहारिक नाम था अवधेश मिश्रा। विनोबा सेवा आश्रम के बाद उसी रास्ते पर चला यह पहला आश्रम ग्रामोदय सेवा आश्रम,फिर तो नेहरू सेवा आश्रम पटेल सेवा आश्रम और अनेक सेवा आश्रम गांव की सेवा हेतु स्थापित हुए। अवधेश मिश्रा का जाना सभी मित्रों के लिए एवं उनके परिवार के लिए शोकाकुल किया। आज वहां 11 बजे जाकर श्री ओंकार मनीषी जी ब्रजेश भाई मुकेश परिहार अरविंद मिश्रा कौशल जी ने श्रद्धांजलि दी। विनोबा सेवा आश्रम परिवार ने आश्रम में शोक सभा कर अवधेश मिश्रा को श्रद्धांजलि दी।

