सहकारी आन्दोलन / कार्यक्रमों का क्षेत्र विस्तृत एवं व्यापक हो गया है: बी एल वर्मा
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, मरकरी हाल, गोमती नगर लखनऊ में उ०प्र० राज्य निर्माण सहकारी संघ लि० (यू.पी. आर. एन. एस.एस.) द्वारा 70 वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह 2023 के जवसर पर सहकारिता क्षेत्र में वर्तमान में सहकारी समितियों का विकास” विषय पर गोष्ठी आयोजित की गयी है। जिसके मुख्य अतिथि राज्य मंत्री पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार बी० एल० वर्मा, एवं विशिष्टि अतिथि मा० राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता, जे०पी०एस० राठौर एवं प्रमुख सचिव सहकारिता, बी०एल० मीणा जी उपस्थित रहे।
आज यहां इन्दिरागांधी प्रतिष्ठान के मरकरी हाल, गोमती नगर लखनऊ में वर्तमान में सहकारी समितियों का विकास’ विषय पर उ०प्र० राज्य निर्माण सहकारी संघ द्वारा आयोजित गोष्ठी का शुभारम्भ राज्य मंत्री पूर्वात्तर क्षेत्र विकास एवं सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार बी०एल० वर्मा द्वारा किया गया। आयोजित गोष्ठी में राज्य मंत्री पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बताया गया कि देश एवं प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन विशेष रूप से ग्रामीण कृषकों के आर्थिक विकास हेतु अल्पकालीन फसली ऋण से प्रारम्भ हुआ। उस समय सहकारिता का मूल उद्देश्य कृषकों को फसल उत्पादन हेतु उचित ब्याज दर / शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराना था। कालान्तर में अल्पकालीन ऋण के साथ-साथ उर्वरक बीज वितरण प्रक्रिया इकाई / शीतगृह संचालन, उपभोक्ता वस्तुओं का वितरण, दीर्घकालीन ऋण वितरण, सहकारी समितियों के माध्यम से प्रारम्भ किये गये। इस प्रकार सहकारी आन्दोलन / कार्यक्रमों का क्षेत्र विस्तृत एवं व्यापक हो गया है।
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे०पी०एस० राठौर द्वारा बताया गया कि उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 द्वारा निरन्तर शासन द्वारा आवंटित निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्धता से पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। सहकारिता विभाग द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों के हित के लिए कार्य किया जा रहा है।
प्रमुख सचिव, सहकारिता, बी०एल० मीणा द्वारा बताया कि देश की आजादी के बाद से सहकारी सप्ताह मनाया जाता है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ऋण एवं उर्वरक सहित अन्य सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है।
उ०प्र० राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 के प्रबन्ध निदेशक ए0के0 सिंह ने यह भी बताया कि उ०प्र० राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 लखनऊ प्रदेश की एक ऋणमुक्त शीर्ष सहकारी संस्था है। संस्था को शासन द्वारा तृतीय श्रेणी की राजकीय निर्माण एजेन्सी के रूप में घोषित किया गया है। जिसके अन्तर्गत संस्था को मानकीकृत कार्यों हेतु रू0 20.00 करोड़ तथा गैर मानकीकृत कार्यों हेतु रु० 10.00 करोड़ की लागत के कार्य करने हेतु अधिकृत किया गया है। संस्था द्वारा 35 निर्माण प्रखण्डों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों के निर्माण कार्य शासन के मंशा के अनुरूप उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कराये जा रहे हैं। संस्था के कार्यों को गति प्रदान करने एवं गुणवत्ता पर नियंत्रण हेतु तैयार कराये साफ्टवेयर से मासिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाती है। यू०पी०आर०एन०एस०एस० विगत वर्षों से आर्थिक रूप से काफी सुदृढ हुआ है और निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर है। गुणवत्ता नियंत्रण के दृष्टिगत निर्माण सामग्रियों की टेस्टिंग हेतु संस्था द्वारा मुख्यालय पर लैब की स्थापना की गयी है। निर्माण कार्यों की टेण्डर प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए केवल ई-टेण्डर के माध्यम से निर्माण कार्य संपादित कराये जा रहे हैं तथा कराए गये कार्यों के भुगतान पारदर्शिता के साथ ई-बिल/ई-एम०बी० साफ्टवेयर के माध्यम से किये जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के वित्तीय वर्ष 2022-23 में रु0 546.46 करोड़ के कार्य कराये जा चुके है, तथा वित्तीय वर्ष-2023-24 के माह अक्टूबर 2023 तक रु0 394.00 करोड़ के कार्य कराये जा चुके है। पर्याप्त स्टाफ तथा उनकी कार्य कुशलता के दृष्टिगत संस्था द्वितीय श्रेणी की सीमा के निर्माण कार्य कराने में संस्था सक्षम है।
उ०प्र० राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 के सभापति प्रेम सिंह शाक्य द्वारा आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
यू०पी०आर०एन०एस०एस० द्वारा 70वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह 2023 की आयोजित गोष्ठी में यू०पी०आर० एन०एस०एस० के उप सभापति आलोक सिंह, सभापति हॉफेड, नवलेश प्रताप सिंह, सभापति पी०सी०एफ० वाल्मीकी त्रिपाठी, प्रबन्ध निर्देशक राम प्रकाश, प्रबन्ध निदेशक शशि रंजन कुमार राव, प्रबन्ध निदेशक कुलश्रेष्ठ, तथा समस्त यू.पी. आर.एन.एस.एस. के संचालक गण एवं अधिकारी / कर्मचारी तथा सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

