“साइंस ऑफ हैप्पीनेस” कार्यशाला लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में सम्पन्न
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। “साइंस ऑफ हैप्पीनेस: नर्चरिंग योर मेंटल हेल्थ” पर पाँच दिवसीय कार्यशाला 17 से 21 मार्च 2025 तक लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, विनम्र खंड, गोमती नगर, लखनऊ में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
इस कार्यशाला में डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर, जूलॉजी विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय (ए सेंट्रल यूनिवर्सिटी) मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सुख के निर्धारकों (डिटर्मिनेंट्स ऑफ हैप्पीनेस) पर गहराई से चर्चा की और इसके तीन स्तर—पशुओं के लिए सुख, मनुष्यों के लिए आनंद और दिव्य व्यक्तियों के लिए परमानंद—को समझाया। उन्होंने डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे मस्तिष्क रसायनों की भूमिका और दीर्घकालिक खुशी को बनाए रखने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उनकी इंटरएक्टिव सत्रों ने मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
इस कार्यशाला में डॉ. आनंद कुमार राय, डॉ. इमरानुर रहमान, श्री चेतन खन्ना और सुश्री सलोनी अग्रवाल ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए, जिससे यह कार्यक्रम और भी ज्ञानवर्धक बन गया। कार्यशाला का समापन इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने सकारात्मक मनोविज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में गहन चर्चा की।
अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए डॉ. शैलेश श्रीवास्तव को बेस्ट स्पीकर के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यशाला में संस्थान की निदेशक श्रीमती गरिमा सिंह, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अनिल सिंह एवं डीन अकादमिक्स प्रो. (डॉ.) लक्ष्मी शंकर अवस्थी भी उपस्थित रहे। उन्होंने आधुनिक जीवन में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया और इस तरह के आयोजन की सराहना की।
यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए व्यक्तिगत विकास और मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने का एक अनमोल अवसर साबित हुई।

