सारे विश्व को योग और आयुर्वेद दोनों को सही तरीके से अपने जीवन में प्रयोग करना चाहिए

सारे विश्व को योग और आयुर्वेद दोनों को सही तरीके से अपने जीवन में प्रयोग करना चाहिए

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ।सर्वे भवंतु सुखिन:,सर्वे संतु निरामया। भारतवर्ष जिसका प्राचीन नाम आर्यावर्त है। यह सनातन धर्म की भूमि है जहां पर सनातन धर्म उत्पन्न हुआ, फला फूला विकसित हुआ। इस सनातन धर्म ने पूरे विश्व को मार्ग दिखाया कि विश्व की शांति शरीर का स्वास्थ्य समाज का स्वास्थ्य किस तरीके से स्वस्थ रखा जा सकता है किस तरीके से भावपूर्ण बनाया जा सकता है। किस तरीके से सबका भला कर सकता है। अविनाश चंद्र श्रीवास्तव प्रधानाचार्य गोयल आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय लखनऊ आपको प्रणाम करता हूं आपने एक अवसर प्रदान किया है उसके लिए धन्यवाद करता हूं और यह कहना चाहता हूं कि इस सनातन धर्म की भूमि पर योग और आयुर्वेद उत्पन्न हुए।यह एक ही सिक्के के दो पहलू हैं एक दूसरे के पूरक है और इन्ही के बल पर भारत कभी विश्व गुरु कहलाता था इसका गौरव भारतवर्ष को प्राप्त है। पिछले कुछ वर्षों से भारत ने फिर से अपने दो ऊर्जा स्रोतों को विश्व के सामने रखा और उसका परिणाम यह हुआ कि विश्व में आयुर्वेद को जो पहले आयुर्वेद को चिकित्सा के रूप में आयुर्वेद की औषधियां को औषधीय नहीं मानते थे उसे ट्रेडीशनल मेडिसिन या घरेलू उपचार किस नाम से समझते रहे परंतु जब योग को भारत की सरकार ने पूरे विश्व में पहुंचा दिया लोगों ने योग को चिकित्सा का सरल सुगम और सस्ता पाया तो सब ने उसको अपनाया और स्वीकार किया।आयुर्वेद पर पूरे विश्व का ध्यान गया कि भारत ने कोरोना महामारी के समय आयुर्वेद के औषधीय से किस तरीके से अपनी रक्षा किया और विश्व को बताया कि भाई आप भी इस तरीके से स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हो कोरोना से बच सकते हो तो हमारे भारतवर्ष ने एक बार फिर वह रास्ता चुना है उस रास्ते पर आगे बढ़ा है जहां पर वह जिस रास्ते से पहुंचकर विश्व गुरु के उस पद तक को पहुंच सकता है। 21 जून पूरे विश्व के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। भारत में उसको और बढ़ते हुए इसको घर-घर तक गांव-गांव तक हर व्यक्ति तक पहुंचाने का माध्यम बनाया है। गोयल आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय लखनऊ ने अपने इस प्रयास को सबसे ऊपर रखा। 1 जून से लेकर अब तक आज 19 जून है गवर्नर हाउस में योग का प्रतिदिन अभ्यास किया जा रहा है जिसमें गोयल आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज के छात्रों की एवं चिकित्सकों की संख्या सबसे अधिक रही है। इस कॉलेज को निर्देशित करने वाले अध्यक्ष इंजीनियर महेश कुमार ने बहुत ही सफल तरीके से अपने द्वारा नेतृत्व किया जो सराहनीय है। हम नतमस्तक है ऐसे भी प्रबंधक हमारे इस लखनऊ में हमें प्रणाम करते हुए आप सबको यह बताना चाहता हूं कि योग वह मार्ग है जो शरीर को स्वस्थ रखता है तो शरीर को स्वस्थ रखते हुए बीमारी को दूर करता है और सबसे बड़ी बात तो यह है योग के द्वारा आत्मा से परमात्मा का मिलन संभव है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है योग अपने आप में संपूर्ण है योग में आयुर्वेद निहित है आयुर्वेद उसके रग रग में है इसलिए वह संपूर्ण है मैं यह बताना चाहता हूं कि सारे विश्व को योग और आयुर्वेद दोनों को सही तरीके से अपने जीवन में प्रयोग करना चाहिए ताकि यह जीवन की सार्थक बन सके और परलोक भी उत्तम हो सके जय आयुर्वेद जय योग जय हिंद धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *