
-आर्ट मेले में बच्चों और शिक्षकों ने उकेरीे अपनी कल्पनायें-
-आर्ट मेले में बच्चों और शिक्षकों ने अपनी कल्पनाओं को दिये इन्द्रधनुषी रंग-
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ. सन् दो हजार सात में आयी फिल्म तारे जमीं पर की परिकल्पना को सेंट जोसेफ समूह ने अपने अन्दर समाहित कर लिया। नये सत्र की शुरूआत सेंट जोसेफ में इसी तरह के क्रिया-कलाप से होती है। जिसमें सभी बच्चे और शिक्षक व शिक्षिकायें अपनी-अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उकेर कर रंगों से भरते है।
सोमवार को सेंट जोसेफ की सभी शाखाओं में तारे जमीं पर आर्ट मेला का आयोजन किया गया जिसमें प्ले-वे से लेकर कक्षा बारह तक के सभी बच्चों के साथ उनके शिक्षक व शिक्षिकाओं ने भाग लिया। साथ ही अपनी कल्पनाओं को रंगों के साथ पहचान दी। आर्ट मेला का उद्देश्य कोई प्रतियोगिता न होकर केवल बच्चों में छिपी प्रतिभा को सामने लाना होता है।
इस अवसर पर सेंट जोसेफ समूह के प्रबन्ध निदेशक अनिल अग्रवाल ने भी बच्चों के साथ बैठकर अपनी भावनाओं को कैनवास पर रंग प्रदान किये। उन्होनें कहा कि बच्चों में अनगिनत प्रतिभाये अर्न्तनिहित होती है। जिसकों एक मंच प्रदान करना विद्यालय का कर्तव्य है। इसी प्रकार के क्रिया-कलापों से बच्चों का सर्वागीण विकास होता है। इस अवसर पर बच्चों ने जमकर डांस किया भी किया और तारे जगीं पर का भरपूर आनंद लिया।

