होम्योपैथिक फार्मेसिस्टो का विशाल धरना, फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने किया समर्थन जल्द नियुक्ति की मांग

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। 2019 से नियुक्ति की बाट जो रहे होम्योपैथिक फार्मेसी स्टोर ने आज सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर इको गार्डन मैं धरना दिया और अपनी नियुक्ति की मांग की धरने को फार्मासिस्ट फेडरेशन ने समर्थन देते हुए फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने धरने को संबोधित किया और माननीय मुख्यमंत्री जी से हस्तक्षेप का अनुरोध किया उन्होंने कहा कि बेरोजगार फार्मासिस्ट 2019 से परेशान है जिनकी नियुक्ति बेवजह विवादित बनाई जा रही है।
ज्ञातव्य है कि होम्योपैथिक विभाग की फार्मासिस्ट भर्ती, विज्ञापन संख्या 02-परीक्षा /2019 ( UPSSSC ) में चयनित होम्योपैथिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों द्वारा 4 साल से लंबित फार्मासिस्ट भर्ती में नियुक्ति ना होने के संबंध में अपनी मांगों को लेकर इको गार्डन में अनवरत चलने वाले आमरण अनशन का प्रारंभ किया.
अभ्यर्थियों का कहना है कि होम्योपैथिक फार्मासिस्ट भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में माह फरवरी, 2019 से चल रही है। विज्ञापन जारी होने के लगभग 2 वर्ष 6 माह पश्चात आयोग ने उक्त भर्ती का अंतिम चयन परिणाम 22 नवंबर 2021 को जारी किया था। आयोग द्वारा जारी किए गए अंतिम चयन परिणाम में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में चयन को लेकर असफल अभ्यर्थियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में वाद दायर किए गए।
माननीय उच्च न्यायालय की इलाहाबाद खंडपीठ ने आयोग द्वारा जारी किए गए अंतिम चयन परिणाम को सही मानते हुए ईडब्ल्यूएस कैटेगरी से संबंधित सभी वादों को खारिज करके नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे, जबकि माननीय उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने ईडब्ल्यूएस कैटेगरी की मात्र 10% सीटों पर ही रोक लगाई थी एवं अतिरिक्त सीटों पर आयोग को नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। किंतु उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अपने मनमानी रवैये को बरकरार रखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को किसी भी दशा में अग्रेषित नहीं कर रहा है।
फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सुस्त कार्यप्रणाली एवं ईडब्ल्यूएस केस निस्तारण के लिए आयोग एवं शासन द्वारा नियुक्त महाधिवक्ता / अपर महाधिवक्ता एवं मुख्य अधिवक्ता द्वारा केस की सुनवाई के दौरान न्यायालय में उपस्थित ना होने की वजह से होम्योपैथिक फार्मासिस्ट भर्ती विगत 4 वर्षों से लंबित पड़ी है। आयोग लंबित वादों के निस्तारण एवं भर्ती प्रक्रिया को पूरी करने में कोई रूचि नहीं दिखा रहा है। आयोग द्वारा असफल अभ्यर्थियों की वजह से समस्त सफल चयनित अभ्यर्थियों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में हो रहे विलंब के चलते चयनित बेरोजगार होम्योपैथिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थी एवं उनके परिजन सामाजिक, मानसिक, आर्थिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेल रहे हैं।
होम्योपैथिक फार्मासिस्ट अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोग एवं शासन द्वारा ईडब्ल्यूएस केस निस्तारण के लिए नियुक्त महाधिवक्ता / अपर महाधिवक्ता एवं मुख्य अधिवक्ता केस की सुनवाई के दौरान न्यायालय में उपस्थित होकर फार्मासिस्ट भर्ती को कोर्ट के समस्त वाद-विवादों से मुक्त कराते हुए नियुक्ति प्रक्रिया जल्द से जल्द अग्रेषित करें जिससे समस्त चयनित अभ्यर्थी अपने परिवार का उचित भरण पोषण कर सके।

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