मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बावजूद लखनऊ, गोंडा, झांसी व मिर्जापुर समेत कई मंडल सड़कों के गड्ढे भरने में फिसड्डी साबित हुए हैं। 15 नवंबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करना है, लेकिन गोंडा, झांसी और मिर्जापुर में तो 40 फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ है।
लखनऊ में भी महज 42 फीसदी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा सका है। गड्ढामुक्ति के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब सिर्फ 18 दिन बचे हैं और आधा काम भी पूरा नहीं हो सका है। समीक्षा के दौरान अभियान का सच सामने आने पर पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने संबंधित अभियंताओं को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही निर्देश दिया कि जो भी काम कराया गया है, उसका सत्यापन कराया जाएगा।
जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सड़कों के गड्ढे भरने और नवीनीकरण के कार्यों की समीक्षा की। सभी जोनों के मुख्य अभियंता ऑनलाइन जुड़े थे। इसमें सामने आया कि गड्ढे भरने में सभी 18 मंडलों का औसत 47 प्रतिशत है। लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बस्ती और बांदा मंडल में काम औसत से कम है। सिर्फ गोरखपुर व मेरठ मंडल में ही 60 फीसदी से अधिक क्रमश: 61 व 67 फीसदी से अधिक काम हुआ है।
दावा : 28215 किमी. सड़कें गड्ढामुक्त
रिकॉर्ड के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी के अधीन 59,631 किमी लंबी सड़कों पर गड्ढे हैं। अभी तक 28,215 किमी सड़कें ही गड्ढामुक्त हो सकी हैं। गड्ढे भरने के लिए विभाग के पास 505.11 करोड़ रुपये हैं। इसमें से अभी तक 173.80 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
सबसे ज्यादा गड्ढे राजधानी की सड़कों पर
गड्ढे भरने में मंडलवार प्रगति
मंडल सड़क (किमी) फीसदी
आगरा 3247 44
अलीगढ़ 2263 42
प्रयागराज 4551 50
आजमगढ़ 2794 42
बरेली 3552 52
अयोध्या 4264 45
गोंडा 2661 29
गोरखपुर 5148 61
बस्ती 2237 43
झांसी 2121 38
बांदा 2356 42
कानपुर 4068 49
लखनऊ 5543 42
मेरठ 2628 67
सहारनपुर 1476 53
मुरादाबाद 3621 56
वाराणसी 4314 48
मिर्जापुर 2788 38
दिन-रात काम कराने के निर्देश
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने अभियान में लापरवाही पर स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समयावधि में काम पूरा किया जाए। लापरवाही और गड़बड़ी बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी। कार्यों की गुणवत्ता व भौतिक प्रगति की जांच वे खुद करेंगे। विभागीय राज्यमंत्री, प्रमुख सचिव, सचिव और प्रमुख अभियंता भी प्रगति जांचेंगे।
जितिन प्रसाद ने भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुए मार्गों की मरम्मत एवं विभाग के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। कहा कि दिन-रात काम किया जाए। उन्होंने हर जोन के लिए मुख्यालय स्तर से तीन सदस्यीय टीम भेजकर 5 से 10 नवंबर के बीच कार्यों की गुणवत्ता व भौतिक प्रगति का सत्यापन कराने का निर्देश दिया। साथ ही इसकी रिपोर्ट भी तलब की है।
बैठक में बताया गया कि पूरे प्रदेश में 25 अक्तूबर तक विशेष मरम्मत व नवीनीकरण के तहत 10675.49 किमी सड़कों का नवीनीकरण कराया गया। जबकि, सामान्य नवीनीकरण के तहत 5224.68 किमी सड़कों के नवीनीकरण का कार्य कराया जा चुका है। समीक्षा बैठक में लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नरेंद्र भूषण, सचिव अजय चौहान और विभागाध्यक्ष संदीप कुमार भी उपस्थित थे।

