अयोध्या (संवाददाता) सुरेंद्र कुमार। 2021 अयोध्या में आयोजित होने वाले दीपोत्सव में राज्य सरकार 7.50 लाख दीये जलाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगी। पिछले वर्ष अयोध्या में 5.50 लाख दीये जला कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। पर्यटन विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं और इसके लिए एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे हैं। राज्य सरकार ने 2017 से अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत की है। तब से लगातार सरकार तेल के दीये जलाने के अपने ही रिकार्ड को अगले वर्ष तोड़ती है। हर वर्ष सरकार विभिन्न विभागों के समन्वय से दीये जलवाती है लेकिन इस बार बाहरी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी है। एजेंसी को इससे पहले तीन दिन तक इसका ट्रायल करना होगा। इसमें सात हजार से ज्यादा वालंटियर लगाए जाएंगे। चयनित एजेंसी को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के अधिकारियों से संपर्क में रहना होगा।पिछले वर्ष 5.50 लाख दीये जलाने के लिए 29 हजार लीटर तेल और 7.5 लाख किलो रुई का इस्तेमाल हुआ था। वहीं गोबर से बने एक लाख दीये भी यहां जलाएं गए थे। ये दीये राम की पैड़ी पर जलाए जाते हैं। वहीं दीपोत्सव के मौके पर पूरे अयोध्या में लाइटिंग की जाती है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते डिजिटल दीयों के माध्यम से लोगों को जोड़ा गया है।कोविड-19 की गाइड लाइन ने दीपोत्सव को लेकर बड़ा धर्मसंकट खड़ा कर दिया है। इसके चलते अधिकतम दीप प्रज्जवलन की वर्चुअल प्रतियोगिता आयोजित करने पर मंथन किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत हर परिवार अपने-अपने घरों के साथ आसपास के क्षेत्रों व मठ-मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ सेल्फी लेकर दो-दो मिनट के वीडियो भी अपलोड करें। इससे पहले दीपोत्सव में भागीदारी के लिए सम्बन्धित प्रतिभागियों का पंजीकरण कराया जाएगा। इस आयोजन के लिए विशेष प्रकार का साफ्टवेयर भी तैयार किया जाएगा जिसमें वीडियो अपलोड करने वाले प्रतिभागियों की भागीदारी का प्रमाण पत्र जनरेट हो जाएगा। इस तरह प्रतिभागियों का रिकार्ड बनाया जा सकेगा।फिलहाल इसके अलावा दीपोत्सव का आयोजन भीड़ से बचते हुए किस प्रकार आयोजित हो, इस विषय पर विचार-विमर्श चल रहा है। यही कारण है कि प्रदेश के पर्यटन व संस्कृति राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार व जिले के प्रभारी मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी के दौरे पर हुई बैठक के दौरान डीएम व कमिश्नर से अपेक्षा की गयी है कि वह इस सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट शासन को प्रेषित करें।
बताया गया कि जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे की रणनीति पर निर्णय लेंगे। बताया गया कि मुख्यमंत्री कोरोना के कारण दीपोत्सव स्थगित नहीं करना चाहते हैं। साथ ही दीपोत्सव का रिकार्ड भी बनाना चाहते हैं जिस पर मंथन किया जा रहा है।

