अयोध्या।(डा.अजय तिवारी जिला संवाददाता) जिले के विकास खंड तारुन में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले 21 सूत्रीय मांगों को लेकर बीआरसी तारुन पर एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया।जिसमें शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। धरने को सम्बोधित करते हुए शिक्षक नेता राजेश दुबे ने कहा कि पुरानी पेंशन वर्ष 2005 से खत्म की गई है ।उस समय उसके भविष्य के परिणाम से लोग अछूते रहे।जब उसका आकलन हुआ तो विरोध का बिगुल फूंक दिया गया।जिससे लगातार कारवाँ बढ़ रहा है।2005 के बाद नियुक्त अध्यापक संघर्ष को जारी रखेंगे।संघर्ष हमेशा एकजुटता दिखाने पर ही कामयाब होता है।उन्होंने सभी लोगों से आपसी मतभेद बुलाकर संघर्ष के लिए एकजुट होने पर बल दिया।जिससे सरकार का ध्यान मांगो की ओर आकृष्ट हो सके। उन्होंने बताया कि 21 सूत्री मांगों में पुरानी पेंशन बहाल करने,प्रत्येक कक्षा को अध्यापक, प्रत्येक विद्यालय को एक लिपिक,एक अनुचर एवं एक चौकीदार देने,ऑनलाइन व्यवस्था समाप्त करने, मृतक आश्रितों को टी ई टी से छूट देने,मृतक आश्रितों को लिपिक पद पर नियुक्ति देने,कोरोना की वजह से मृतक हुए शिक्षकों के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने,मृतक शिक्षकों के परिजनों को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने,शिक्षा मित्रों/अनुदेशकों को स्थायी शिक्षक का दर्जा देने,कैशलेस चिकित्सा, छात्रों को फर्नीचर, रसोइयों , शिक्षामित्रों,आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं को उचित वेतनमान देने सहित अन्य प्रमुख मांगे हैं। अध्यापक, सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापक 17140/18150 की विसंगति समाप्त करने,ऑनलाइन कार्य के नाम पर शोषण बंद करने,उपार्जित एवं शनिवार अवकाश शिक्षामित्र,अनुदेशक, आंगनबाड़ी, रसोइया के समस्याओं के निस्तारण सहित 21 सूत्रीय मांगों के समर्थन में धरना दिया।धरने को सतेन्द्र पाठक,अविनाश पाण्डेय,राम गोपाल यादव,श्रीलाल राव,घिसियावन चौरसिया,राजेन्द्र वर्मा सहित अनेक शिक्षकों ने सम्बोधित किया। संचालन पंकज निषाद ने किया। इस दौरान सैकड़ो शिक्षक मौजूद थे।

