पति को मारकर प्रेमी ने पूछा- बेटे को भी मार दूं, पत्नी बोली- ये तेरा ही तो है
डीकेयू गोरखपुर ब्यूरो चीफ राजनारायण ओझा
गोरखपुर में 22 अप्रैल 2017 की रात कैंट इलाके के कूड़ाघाट विशुन पुरवा निवासी सुषमा सिंह ने ब्वॉयफ्रेंड डब्लू सिंह के साथ मिलकर पति 35 वर्षीय विवेक प्रताप सिंह की हत्या कर दी। पकड़े गए डब्लू ने बताया कि महिला ने मेरे साथ मिलकर अपने पति की हत्या की।
उसके बेटे ने हत्या करते हुए देख लिया जिसके बाद वह उसको मारने जा रहा था तो सुषमा ने बोला कि वह उसका ही बेटा है। विवेक की पत्नी सुषमा सिंह का अपने मायके के कामेश्वर सिंह उर्फ डब्लू सिंह से शादी से पहले करीब 12 साल तक अफेयर रहा। यही नहीं, डब्लू अक्सर मोहल्ले में भी दिखाई देता था और कई बार विवेक और उनके परिजनों की गैर मौजूदगी में सुषमा के घर भी आता था। इसकी जानकारी विवेक को भी हो गई थी और उसने पत्नी पर कड़ा पहरा बिठा दिया था।
बेटे ने खोला था राज
पूरी प्लानिंग के तहत ही 22 अप्रैल की रात डब्लू अपने गांव के सोनू, राधेश्याम सिंह और अनिल मौर्या के साथ कैंट इलाके के विशुनपुरवा गांव स्थित विवेक के घर पहुंचा और सुषमा की ही मदद से उसने विवेक की सोते समय ईंट से कुचलकर हत्या कर दी।
जिस समय वारदात को अंजाम दिया गया, कमरे में सुषमा का बेटा आरुष (6) मौजूद था। उसने पूरी घटना की जानकारी बुआ को दी। आरुष ने बुआ से बताया की रात में मम्मी ने दरवाजा खोला तो 3 अंकल कमरे घुस आए। मैंने चिल्लाने की कोशिश की तो मेरा मुंह दबा दिया। इसके बाद उन लोगों ने पापा का गला दबाया। फिर उन्हें बेड से नीचे उतारकर ईंट से मारा। पापा के बहुत खून निकल रहा था। इसके बाद वो लोग पापा को कहीं ले गए और मम्मी जमीन पर पर गिरा खून साफ करने लगीं। इसी दौरान पुलिस आ गई। रात में हुई इस घटना की जानकारी परिवार के किसी सदस्य को नही हुई।
अखिलेश यादव का करीबी था प्रेमी
बाद में पुलिस ने अर्चना और प्रेमी अजय यादव को पकड़ा और केस दर्ज कर जेल भिजवा दिया। शहरवासियों का गुस्सा उस समय इतना ज्यादा था कि कचहरी और जेल में दोनों की पिटाई हो गई। घटना के ठीक 4 साल बाद जनवरी 2020 में अर्चना और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास और 65 हजार अर्थदंड की सजा हुई। जुर्माना न भरने पर 3 माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी पड़ी। अर्चना का भाई पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सुरक्षा में तैनात था। वह अक्सर मायके जाती थी तो प्रेमी अजय से मिलती थी। अजय से उसका प्यार फेसबुक के जरिए हुआ था। अजय के अपने फेसबुक वाॅल पर लगाये गए मुलायम सिंह यादव आदि के साथ अपनी फोटो से वह प्रभावित हुई थी।
हत्यारे ने पूछा बेटे को छोड़ दें, मां ने लाल को उतारा मौत के घाट
शाहपुर इलाके के अशोकनगर की अर्चना सिंह ने 5 जनवरी 2016 की रात अपने प्रेमी फिरोजाबाद निवासी शिक्षक अजय यादव को ट्रेन से बुलाया। उसे अपने कमरे में छिपा दिया। रात में पति के सोने के बाद प्रेमी के साथ संबंध बनाया और भोर में पति नेत्र चिकित्सक डॉ ओमप्रकाश यादव की हथौड़े से मार कर हत्या कर दी। इस दौरान उसका 5 साल का मासूम बेटा नितिन उठ गया और रोते हुए मां की गोद में आ गया। प्रेमी को बच्चे पर दया आ गई वह अर्चना को बोला कि इसे रहने दो। लेकिन उस कलयुगी मां का दिल नहीं पसीजा और उसने खुद अपने हाथ से बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। प्रेमी को घर से भगा दिया और देर सुबह तक सोती रही।
परिवार ने भी तोड़ दिया रिश्ता
जेल जाने के बाद अर्चना से मिलने कोई नहीं पहुंचा। वह डिप्रेशन में चली गई, उसकी काउंसलिंग कराई गई। सजा के बाद उसे हाईकोर्ट में अपील के लिए निशुल्क वकील दिया गया लेकिन उसने इंकार कर दिया और अपील नहीं की। अब वह जेल में ही रहना चाहती है। उसे वर्तमान में लिवर की बीमारी है। वह जेल में झाड़ू व साफ सफाई का काम करती है। उसका प्रेमी अजय भी साफ सफाई करता है। अर्चना ने हाल ही में छठ व करवा चौथ का व्रत भी रखा था। यह प्यार के लिए पति और बेटे को मारने की पहली घटना थी। शहर के लोग हतप्रभ थे। इसके बाद कई पत्नियों ने प्यार के चक्कर मे अपने पतियों को मौत की नींद सुला दी।

