12 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

नाथ कोसलाधीश कुमारा ।
आए मिलन जगत आधारा ।।
राम अनुज समेत बैदेही ।
निसि दिनु देव जपत हहु जेही ।।
( अरण्यकांड 11/4)
राम राम 🙏🙏
राम जी चित्रकूट में कुछ दिन ब्यतीत कर आगे चलते हैं और अत्रि , सरभंग व सुतीछन मुनि को दर्शन देते हैं ।फिर वे अगस्त्य ऋषि से मिलने चलते हैं । अगस्त्य के शिष्य सुतीछन राम जी से कहते हैं कि गुरुदेव के दर्शन किए मुझे बहुत दिन हो गये हैं , मैं भी आपके साथ चलता हूँ । सुतीछन जी अपने गुरु के आश्रम आते हैं और प्रणाम कर कहते हैं कि नाथ! अयोध्यापति दशरथ पुत्र जगतपति राम , सीताजी व लक्ष्मण जिन्हें आप दिन रात जपते हैं वे आपसे मिलने आए हैं ।
राम जी से मिलने की तो हम सब इच्छा रखते हैं पर पूरी उन्हीं की होती हैं जो दिन रात अगस्त्य मुनि की तरह उनका जाप करते हैं । अस्तु राम दर्शन चाहते हैं तो राम जपें । अथ ! जपों निरंतर जय सियाराम, जानकी वल्लभ श्रीरघुनाथ 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *