महिला आयोग की कार्यशाला: महिला सुरक्षा और अधिकारों पर चर्चा
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने ‘महिलाओं से संबंधित कानूनों पर चर्चा’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने की। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें डॉ. बबीता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, डॉ. नीलम सिंह और मुख्य कार्यकारी ‘वात्सल्य’ ने भाग लिया।
कार्यशाला में महिला सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों पर विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य कार्यकारी ‘वात्सल्य’ ने गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व तकनीक अधिनियम 1954, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2000, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1901, महिलाओं का शारीरिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013, और किशोर न्याय अधिनियम 2018 जैसे अहम कानूनों पर चर्चा की।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में उ.प्र. राज्य महिला आयोग के पदाधिकारियों की मासिक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में पिछले महीने के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिला जनसुनवाई, वन स्टॉप सेंटर, महिला चिकित्सालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय आदि के निरीक्षण की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। बैठक में आगामी माह में किए जाने वाले कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम का समापन सदस्य सचिव सुधा वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित कर किया। इस मौके पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, सदस्य हिमानी अग्रवाल, पूनम द्विवेदी, अनुपमा सिंह लोधी, सुजीता कुमारी, मीना कुमारी, गीता विन्च, पुष्पा पांडेय, मीनाक्षी भराला, सुनीता सैनी, एकता सिंह, अर्चना पटेल, जनक नंदिनी, प्रतिभा कुशवाह, रेनू गौड़, मनीषा अहलावत, संगीता जैन, डॉ. नीलम सिंह और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

