जीवन की परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अपने बुजुर्गो से प्राप्त ज्ञान से अल्प प्रयास में प्राप्त कर सकते हैं

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। मानव सेवा की शिक्षा ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षा है जिसे व्यवहारिक रूप से समझने के लिए सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान द्वारा संचालित वयोश्रेष्ठ मन्दिरम् (वृद्धाश्रम) अल्लीपुर, हरदोई में आज सेन्ट जेवियर्स स्कूल के बच्चो को प्रधानाचार्य श्रीमती मौसमी चटर्जी कुमार के नेतृत्व मे देखा। श्रीमती चटर्जी ने कहा कि वृद्धाश्रम में सभी बाबा दादी पारिवार की तरह रह रहे है गंगाचरन, रमाकांत, निर्मल आदि बाबाओ से बात करके अपने बाबा के साथ बिताये खूबसूरत पलों की याद तरोताजा हो गयी। शिक्षक श्रीमती पुष्पा सिंह ने कहा रामकली ,चितकोरा, प्रीति आदि दादी लोगो का प्यारे अनुभवजन्य बातों ने कम समय में ही जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
शिक्षक ने मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि यहां आकर लगता है कि हम सबको भी जब भी समय मिले अपने बुजुर्गों के समय बीतना चाहिए क्योंकि वह अपने अनुभवी ज्ञान से आपको सराबोर कर जीवन का वो व्यवहारिक पाठ पढ़ा देगे जो सफलता के हर पायदान को आपके कदमों मे लाने मे समर्थ होगा । विद्यालय में शिक्षक पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान दे पाता है जो किसी परीक्षा मे आपको श्रेष्ठ अंको से उत्तीर्ण करा सकता है लेकिन जीवन की परीक्षा मे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अपने बुजुर्गो से प्राप्त ज्ञान से अल्प प्रयास मे प्राप्त कर सकते हैं।
वृद्धाश्रम प्रबन्धक शीला ने सभी को आश्रम मे मिलना वाली निःशुल्क भोजन, आवास,चिकित्सा आदि बुजुर्गो को मिलने वाली सुविधाओ के बारे मे सभी जानकारी दी। लेखाकार रूचि मिश्रा ने बुजुर्गो की दैनिक दिनचर्या के बारे विस्तृत जानकारी देते हुये मनोरंजन के नियमित प्रार्थना, भजन,संकीर्तन, खेल, टीवी आदि से सभी मस्त रहते है। सीता शर्मा ने समाज से आवहन और अपील की आप कुछ समय आकर जरूर गुजारे वयोश्रेष्ठ मन्दिरम् में आकर आपको वही शान्ति और सुकुन मिलेगा जो आपको मन्दिर जाने से मिलता है क्योंकि बुजुर्ग पृथ्वी पर जीवित देवता है जो उन बिताये पलो के बदले अनुभव का प्रसाद देते हैं।
इस अवसर पर सेन्टजेवियर्स विद्यालय के शिक्षक दुर्गेश शुक्ला, प्रियंकर, चेतना पाल , बच्चे, वृद्धाश्रम मे 95 बुजुर्ग तथा समस्त कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे ।

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