– खमरौनी के शतचण्डी महायज्ञ के शतचण्डी महायज्ञ का सप्तम्- दिवस
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
गोण्डा।
सनातन धर्म में सभी देवी देवताओं का पावन चरित्र समाज के लिए प्रेरक है। युगो युगो से भगवान राम के जीवन से सामाजिक मर्यादा, हनुमान से सेवा भक्ति एवं कृष्ण के जीवन से निष्काम कर्म को भक्त जनों ने आदर्श रूप में ग्रहण कर अपने जीवन को धन्य बनाया है।
बेलसर ब्लाक के रगडगंज-परसपुर मार्ग पर ग्राम पंचायत खमरौनी स्थित जवालामाई मंदिर में चल रहे 23वें शतचण्डी महायज्ञ के सप्तम् दिवस सूरत गुजरात के सिद्ध मनोकामना हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर व महामंडलेश्वर स्वामी रामसेवक दास उर्फ त्यागी बापू ने यह विचार व्यक्त किए। श्रद्धालुओं में प्रवचन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि हमें मानव शरीर को भार स्वरूप नहीं बल्कि परमात्मा के असीम अनुकम्पा का उपहार मानकर जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। शतचण्डी महायज्ञ में सहभागी सभी भक्तों को भगवान के पावन लीला से सत्य निष्ठा, समाज सेवा व निष्काम कर्तव्य करते हुए जीवन का आनन्द लेना चाहिए। इस मौके पर शतचण्डी महायज्ञ के व्यवस्था प्रभारी हनुमंत शरण तिवारी, दुर्गा प्रसाद तिवारी व सत्य प्रकाश उपाध्याय ने यजमानों को सेवा सहयोग, सामाजिक सौहार्द व राष्ट्रीय निष्ठा का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में इन्द्र बहादुर तिवारी, नीरज दास, दीपक तिवारी,संतोष पाण्डेय, प्रदीप तिवारी,रवि सिंह शामिल रहे।

