*प्रस्थान आश्रम पठानकोट पंजाब की संचालिका माता जी सुमति मित्तल कल भगवान की प्यारी हो गईं*
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। विनोबा विचार प्रवाह के सूत्रधार रमेश भइया ने बताया कि आचार्य विनोबा ने भूदान यात्रा के दौरान पांच आश्रम जो देश के अलग अलग कोने में अलग अलग उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए स्थापित किए उनमें पहला समन्वय आश्रम बोधगया बिहार , दूसरा विसर्जन आश्रम इंदौर मध्यप्रदेश, तीसरा प्रस्थान आश्रम पठानकोट पंजाब , चौथा विश्वनीडम बंगलौर कर्नाटक, और पांचवा मैत्री आश्रम नार्थ लखीमपुर आसाम हैं। *इसमें से पाकिस्तान की सीमा पर पठानकोट में स्थापित आश्रम सत्यम भाई यशपाल मित्तल जी के बाद आदरणीय माता जी श्रीमती सुमति मित्तल जी संचालक के रूप में देखती थीं।* मेरा राष्ट्रीय ग्रामस्वराज्य संदेश पदयात्रा के अलावा जब भी धर्मशाला आदरणीय सामदोंग रिमपोछे जी के यहां जाना होता था तो वही जाकर फिर आगे जाना होता था। इस दृष्टि से कई बार वहां जाना हुआ। विनोबा 125 में प्रस्थान आश्रम का प्रतिनिधित्व करने टीम भी ब्रह्मविद्या मंदिर पवनार वर्धा आई थी
अभी वहां से गुप्ता जी आदि के द्वारा दुखद संदेश मिला है।
*अत्यन्त दुःखी हृदय से कहना है कि हमारी पूज्य माँ श्रीमती सुमति मित्तल धर्मपत्नी श्री यशपाल मित्तल जी, संचालिका प्रस्थान आश्रम,* *पठानकोट, कल 24 नवंबर को श्री चरणों में विलीन हो गयी हैं। उन की अंतिम यात्रा ,प्रस्थान आश्रम पठानकोट से एवम अंतिम संस्कार सिविल हस्पताल पठानकोट, के सामने शमशानघाट में आज 25 नवम्बर को दोपहर 2 बजे रखा गया है।*
*अत्यंत दुखी हृदय से
उनकी पुत्री निष्ठा सिंगला
पुत्र कीर्ति मित्तल पुत्रबधु रजनी मित्तल एवं श्री
अनुराग सिंगला आदि सब मिलकर अंतिम संस्कार का दायित्व निर्वाह करेंगें । विनोबा विचार प्रवाह परिवार मां सुमति मित्तल जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

