9 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जानहुँ राम कुटिल करि मोही ।
लोग कहउ गुर साहिब द्रोही ।।
सीता राम चरन रति मोरें ।
अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरें ।।
( अयोध्याकाण्ड 204/1)
राम राम🙏🙏
भरत जी पूरे अयोध्या समाज के साथ राम जी से मिलने चित्रकूट जा रहे हैं । त्रिवेणी पहुँच कर सभी लोग स्नान करते हैं । भरत जी तीर्थराज से प्रार्थना करते हैं कि चाहे राम जी मुझे कुटिल समझें, लोग मुझे गुरुद्रोही तथा स्वामिद्रोही कहें , पर श्रीसीताराम जी के चरणों में मेरा प्रेम आपकी कृपा से दिन प्रतिदिन बढ़ता ही रहे।
हमारा लक्ष्य राम चरणों में निरंतर प्रेम होना चाहिए फिर कोई हमारी कितनी ही बुराई क्यू न करें, राम जी स्वयं हम पर ध्यान न दें पर हम आप भरत जी की तरह राम प्रेम पाने की याचना करते रहें तभी राम प्रेम मिल पाता है । अतएव! राम जी सहित किसी अन्य की परवाह किए बग़ैर राम जी में लगें रहें , मंगल होगा । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

