29 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
राम भगति मनि उर बस जाकें ।
दुख लवलेस न सपनेहुँ ताकें ।।
चतुर सिरोमनि तेइ जग माहीं
जे मनि लागि सुजतन कराहीं ।।
( उत्तरकांड 119/5)
राम राम 🙏🙏
ज्ञान मार्ग बताने के बाद काकभुसुंडि जी गरुड़ जी को भक्ति के बारे में बताते हुए कहते हैं कि राम जी की भक्ति रूपी मणि जिसके ह्रदय में बसती है उसे स्वप्न में भी लेशमात्र दुख नहीं होता है । संसार में वे ही मनुष्य चतुरों के शिरोमणि हैं जो इस भक्ति मणि के लिए अच्छे से प्रयत्न करते हैं ।
संकलन तरूण जी लखनऊ
राम भक्ति मणि की यह विशेषता है कि इसे जो भी धारण करता है , दुख तो उसके पास आने की भी नहीं सोचते हैं । अत: सदा सुखी रहने के लिए भक्ति मणि को धारण करने का सार्थक उपाय करें । अथ ! जय जय राम भगति , जय सियाराम भगति 🚩🚩🚩

