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हुक्का पीने वालों को खैर नहीं, होंगे सख्त कानून
बिपिन गुप्ता/महाराष्ट्र
मुंबई, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में वर्ष 2018 में हुक्का पार्लर पर पाबंदी लगाई थी, लेकिन अब कानून में संशोधन कर कठोर कानून बनाने की जरूरत है। दूसरी बार अपराध करने पर 6 महीने के लिए रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद्द किया जाएगा, तीसरी बार अपराध करने पर स्थायी रूप से लाइसेंस रद्द किया जाएगा और अपराध को गैर जमानती श्रेणी में डाला जाएगा। उन्होंने यहाँ भी बताया कि कुछ लोग हुक्का में गांजा ( ड्रग्स ) डालकर पीते हैं।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुनील कांबले ने पुणे शहर के कोरेगांव पार्क इलाके में अवैध हुक्का पार्लर शुरू होने के बारे में सवाल किया था। इसके जवाब में पहले गृह राज्य मंत्री शहर योगेश कदम ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2018 में हुक्का पार्लर पर पाबंदी लगाई थी। इसके खिलाफ हुक्का पार्लर वाले हाईकोर्ट चले गए। तब अदालत ने हर्बल हुक्का पार्लर की अनुमति प्रदान की। हर्बल हुक्का पार्लर को लेकर पुलिस विभाग सर्तक है। पिछले साल 50 केस दर्ज किए गए और सवा करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया। इस साल 4 हुक्का पार्लर पर कार्रवाई की गई है। हर्बल हुक्का पार्लर के नाम पर तंबाकू का उपयोग किया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ठाणे के विधायक संजय केलकर ने सवाल किया कि हुक्का पार्लर पर पाबंदी है, तीन साल की सजा का प्रावधान है, लेकिन केस दाखिल नहीं किए जाते। ठाणे में तीन साल पहले हुक्का पार्लर के खिलाफ मुहिम शुरू हुई, इसके सफलता भी मिली, लेकिन आज भी 40 प्रतिशत हुक्का पार्लर शुरू दिखाई देते हैं। इस संबंध में क्या कार्रवाई की जाएगी? इसके जवाब में राज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा कि अवैध हुक्का पार्लर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हुक्का पार्लर के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाएगा। दूसरी बार अपराध करने पर 6 महीने के लिए रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद्द किया जाएगा, तीसरी बार अपराध करने पर स्थायी रूप से लाइसेंस रद्द किया जाएगा और अपराध को गैर जमानती श्रेणी में डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि हुक्का की गुडगुडी पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने बताया कि हुक्का में कुछ लोग गांजा डाल कर भी पीते हैं। कानून के संशोधन के बाद अपराधी को जेल में भेजने का प्रावधान किया जाएगा। क्योंकि उनको जेल जाने का डर होना चाहिए। जहां हुक्का पार्टी आयोजित होती है, वहां आयोजक भी समान चार्ज में केस दर्ज किए जाने के प्रावधान किए जाएंगे।