बैरिस्टर शिवदयाल चौरसिया देश में लोक अदालत के जनक थे: राकेश मौर्य
जौनपुर के समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर शुक्रवार को जिलाध्यक्ष राकेश मौर्या की अध्यक्षता में समाजवादी पार्टी ने पूर्व राज्यसभा सांसद शिवदयाल चौरसिया की जयंती समारोह पूर्वक मनाई। सर्वप्रथम उपस्थित पार्टी जनों ने शिवदयाल चौरसिया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके जीवन दर्शन पर चर्चा करते हुए उनके विचारों पर चलने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने बताया कि बैरिस्टर शिवदयाल चौरसिया देश में लोक अदालत के जनक थे। वे पिछड़ा वर्ग आयोग (काका कालेलकर आयोग) के भी सदस्य रहे।
शिवदयाल चौरसिया का जन्म 13 मार्च 1903 को लखनऊ में हुआ था। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने लखनऊ लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट, बिहार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ विद्वान अधिवक्ता के रूप में कार्य किया।उन्होंने सामाजिक असमानता, छुआछूत और पिछड़ेपन के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्हें पिछड़े वर्ग आंदोलन का एक मजबूत हस्ताक्षर माना जाता है। वे सदैव शोषितों, वंचितों, पिछड़ों और दलितों के हक-अधिकारों के लिए जीवन पर्यंत संघर्षशील रहे।
आज ऐसे महापुरुष को समाजवादी पार्टी जौनपुर नमन करती है और उनके पदचिन्हों पर चलने का पुनः संकल्प लेती है। गोष्ठी का संचालन ज़िला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।
गोष्ठी को ज़िला उपाध्यक्ष हीरालाल विश्वकर्मा और पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव लाल मोहम्मद राईनी ने संबोधित किया। इस अवसर पर ज़िला उपाध्यक्ष महेंद्र प्रताप यादव नेपाल, वरिष्ठ नेता रूखसार अहमद, दीपक विश्वकर्मा, आनंद गुप्ता, धीरज बिंद, किशन यादव छात्र नेता, रविन्द्र मौर्य, अमजद अंसारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

