27 दिसम्बर- श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏
सोह सैल गिरिजा गृह आएँ ।
जिमि जनु रामभगति के पाएँ ।।
नित नूतन मंगल गृह तासू ।
ब्रह्मादिक गावहिं जसु जासु ।।
( बालकांड 65/2)
राम राम🙏🙏
सती जी ने शिव अपमान के कारण अपने पिता के यज्ञ में आत्मदाह कर लिया है । दक्ष को इसका दंड मिला है । सती जी ने मरते समय भगवान से यह वर माँगा था कि मेरा शिव प्रेम बना रहें । इसी कारण से उनका जन्म हिमाचल के यहाँ हुआ । जब से पार्वती का जन्म हिमाचल के यहाँ हुआ तबसे पर्वत ऐसा शोभायमान हो गया जैसे राम भक्ति मिलने पर भक्त शोभा को पाता है । हिमाचल के घर रोज़ उत्सव होते हैं जिसका ब्रह्मा आदि यश गाते हैं ।
हमारा आपका सारा प्रयास अपनी शोभा व ऐश्वर्य बढ़ाने पर लगा रहता है । लेकिन तुलसी बाबा ने हमें शोभा पाने का सूत्र दे दिया है । वह राम जी की भक्ति है । राम भक्ति पा कर जीव शोभायुक्त हो जाता है तथा उसके परिवार में नित्य मंगल उत्सव होते हैं जिससे उसकी कीर्ति हर लोक तक पहुँचती है । अतएव अपनी यश कीर्ति बढ़ाने के लिए राम भक्ति पाने का यत्न करें , अपने को राम जी में लगाएँ । अथ ! श्रीराम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩

