ऐश्प्रा फाउंडेशन की पहल से उत्तर प्रदेश में 56वें निःशुल्क आरओ प्लांट का हुआ उद्घाटन

ऐश्प्रा फाउंडेशन की पहल से उत्तर प्रदेश में 56वें निःशुल्क आरओ प्लांट का हुआ उद्घाटन

1,000-1,200 लीटर प्रति घंटा की क्षमता वाले प्लांट से शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध
ऐश्प्रा द्वारा लखनऊ में यह चौथा आरओ प्लांट स्थापित किया गया, जिसमें अतिरिक्त जल भूगर्भ में भेजकर जल संरक्षण का भी रखा ध्यान

लखनऊ (प्रत्यूष पाण्डेय)।ऐश्प्रा फाउंडेशन की पहल के अंतर्गत हरि प्रसाद गोपी कृष्ण सराफ प्राइवेट लिमिटेड द्वारा रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय राजाजीपुरम, लखनऊ में गुरुवार को अपने 56वें निशुल्क आरओ चिल्ड वॉटर प्लांट का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय राजाजीपुरम, डॉ. नीलिमा सोनकर ने प्लांट का शुभारंभ किया। उनके साथ अस्पताल के जूनियर असिस्टेंट, अहमद फराज खान और फार्मसिस्ट शरद पटेल समेत कर्मचारीगण शामिल रहे। इसके अलावा ऐश्प्रा के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक व गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय राजाजीपुरम, डॉ. नीलिमा सोनकर ने ऐश्प्रा फाउंडेशन के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल न सिर्फ यहां आने वाले लोगों को शुद्ध जल मुहैया कराएगी बल्कि समाज में पानी बचाने और सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। इस पहल से लोगों में सेहत को लेकर सतर्कता बढ़ेगी और बीमारियों से बचाव आसान होगा। ऐसी कोशिशें आने वाले वक्त में साफ पानी की कमी को दूर करने में कारगर साबित होंगी। इसके अलावा 1,000-1,200 लीटर प्रति घंटे की क्षमता वाला यह प्लांट एक बोरिंग से भूगर्भ जल लेकर शुद्ध करता है और दूसरी बोरिंग के ज़रिये अतिरिक्त जल को भूगर्भ में लौटाता है। इस तरह के छोटे प्रयास भविष्य में बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।

ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के डायरेक्टर श्री अतुल सराफ और श्री अनूप सराफ ने इस अवसर पर समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी दोहराते हुए कहा कि लखनऊ में ऐश्प्रा द्वारा स्थापित यह चौथा और प्रदेश का 56वाँ आरओ प्लांट है। हम न केवल शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं बल्कि जल शुद्धि की प्रक्रिया में होने वाली पानी की बर्बादी को रोकना भी हमारी प्राथमिकता है। इतना ही नहीं लोगों को जल संचयन के बारे में जागरूक करना बेहद आवश्यक है क्योंकि शुद्ध जल की उपलब्धता लगातार घट रही है।

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