ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
ग्रेटर नोएडा: शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एलजी चौक से रामपुर सेक्टर बीटा-1 गोलचक्कर तक करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस मार्ग को मौजूदा चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा। परियोजना को पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा और इस पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, सूरजपुर-कासना मार्ग के पास स्थित एलजी गोलचक्कर से आशियाना सोसाइटी होते हुए रामपुर गोलचक्कर तक सड़क के दोनों ओर एक-एक नई लेन जोड़ी जा रही है। इसके लिए खुदाई और आधारभूत संरचना तैयार करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद सेक्टर गामा-2, डेल्टा-1, डेल्टा-2, डेल्टा-3, जीटा, ईटा सहित आसपास के गांवों और प्राधिकरण कार्यालय तक आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा।
रामपुर गोलचक्कर के पुनर्निर्माण के तहत इसकी चौड़ाई 2.5 मीटर कम की जाएगी और डिवाइडरों की लंबाई घटाई जाएगी, ताकि सड़क का उपयोगी दायरा बढ़ाया जा सके।
सेक्टर गामा-1 और गामा-2 की ओर जाने वाली सर्विस रोड को दुरुस्त कर मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा।
सेक्टर बीटा-1 के प्रवेश बिंदु को पीछे शिफ्ट किया जाएगा, जिससे गोलचक्कर के पास गलत दिशा में प्रवेश के कारण लगने वाले जाम पर नियंत्रण किया जा सके।
एलजी गोलचक्कर से नोएडा तक नया कनेक्टिविटी मार्ग
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और डीएससी मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए एलजी गोलचक्कर से सीधे नोएडा को जोड़ने वाला नया मार्ग भी तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह मार्ग इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि जिन सड़कों पर यातायात का दबाव अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चौड़ा किया जा रहा है। एलजी चौक से रामपुर गोलचक्कर तक का कार्य इसी योजना का हिस्सा है, जबकि अन्य मुख्य मार्गों का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
औद्योगिक भूखंड योजना के लिए 16 मार्च तक आवेदन
शहर की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में औद्योगिक भूखंडों की नई योजना के तहत 16 मार्च तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना में 3.6 एकड़ से 15.72 एकड़ तक के आठ से अधिक बड़े प्लॉट शामिल हैं।
प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस योजना में विदेशी कंपनियां भी रुचि दिखा सकती हैं। भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
इस सड़क चौड़ीकरण और नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं से ग्रेटर नोएडा में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

