जनता गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने सीखा सायरन चलाना
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। लखनऊ सिविल डिफेंस ने आलमबाग के जनता गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं को युद्ध के दौरान बजने वाले सायरन को चलाने का अभ्यास और प्रदर्शन कराया।
उपनियंत्रक अनिता प्रताप के आदेशानुसार लखनऊ सिविल डिफेंस के द्वारा समाज के विभिन्न हिस्सों में इन दिनों सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग चलाई जा रही है। लखनऊ सिविल डिफेंस के सीनियर असिस्टेंट डिप्टी कंट्रोलर मनोज वर्मा ने छात्राओं को युद्ध से परिचय कराया और कहा कि यदि युद्ध से पूर्व ही हम आम जनता को युद्ध से बचाव के लिए प्रशिक्षित कर दे तो बड़ी संख्या में संभावित जन हानि से बचा जा सकता है। हवाई मार्ग से दुश्मन बमों के द्वारा जन धन की क्षति पहुंचाने का प्रयास करता है। लेकिन यदि सही समय पर हवाई हमले की सूचना आम नागरिक को सायरन के द्वारा प्राप्त हो जाता है तो वो सावधान हो सकते है।
सीनियर असिस्टेंट डिप्टी कंट्रोलर ऋषि कुमार ने बताया कि यदि सायरन की आवाज दो मिनट तक लगातार ऊंची नीची आवाज में सुनाई दे तो ये पक्का जान ले हवाई हमला कुछ ही समय में होने वाला है। ऐसे में हर व्यक्ति को शेल्टर (शरण) लेना चाहिए। यदि आप खुले मैदान में है तो आपको तुरंत ही पेट के बल लेट जाना चाहिए और कमर से ऊपर का पार्ट जमीन से ऊपर उठाकर रखना चाहिए, आंख बंद कर ले और कान को हाथों से जोर से बंद कर ले और दांतों के बीच रुमाल को रख लें। इस प्रक्रिया से बम के प्रभाव से आपके शरीर के प्रमुख अंग दिल, आंख, कान, जीभ सुरक्षित रहते हैं।
असिस्टेंट डिप्टी कंट्रोलर मुकेश कुमार ने ब्लैक आउट के बारे में बताया। प्रशिक्षण का आयोजन करने वाली संस्था वूमेंस आर्मी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी रश्मि सिंह ने कहा कि आज की परिस्थितियों के मद्देनजर छात्राओं के लिए ये प्रशिक्षण बहुत ही बहुमूल्य रहा। जिसके लिए सिविल डिफेंस की टीम बधाई की पात्र है। कॉलेज की प्रधानाध्यापिका डॉ. प्रीति कटियार ने कहा कि आने वाले समय में सिविल डिफेंस के माध्यम से स्कूल में प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का भी प्रशिक्षण आयोजित करवाया जाएगा।
इस अवसर पर वूमेंस आर्मी ट्रस्ट की रश्मि सिंह, रुचि रस्तोगी, एकता, अलका, रचना, श्रुति, प्रिया , राजेश, मनोज, प्रदीप शर्मा, शिवांक्ष, जितेंद्र और मुक्ता बब्बर उपस्थित रहें।

