जातिगत आरक्षण व भ्रष्टाचार मुक्त हो भारत : राजेश अग्निहोत्री

आर एल पाण्डेय
लखनऊ। अनारक्षित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश अग्निहोत्री एडवोकेट ने अपने कैंट रोड स्थित आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अनारक्षित वर्ग के संरक्षण हेतु किसी आयोग का गठन क्यों नहीं? केन्द्रीय बजट में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उत्थान हेतु भारी भरकम राशि का आवंटन किन्तु अनारक्षित वर्ग को फूटी कौड़ी भी क्यों नहीं?
एस०सी० / एस0टी0 एक्ट में बिना जांच गिरफ्तारी क्यों एवं झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों को जेल तथा पीड़ितों को उचित मुआवजा क्यों नही? आन्दोलनरत अन्नदाताओं (किसानों) की मांगों पर अब तक कोई निर्णय क्यों नहीं ?विद्यार्थियों एवं बेरोजगार नौजवानों से प्रतिवर्ष प्रवेश एवं आवेदन शुल्क के नाम पर करोड़ों रूपयों की वसूली, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लिये बी०पी०एल० की वार्षिक आय सीमा मात्र रू0 27.200/- एवं स० 33,300/- ही क्यों जबकि

क्यों ?रू० 5 लाख वार्षिक आय तक कोई टैक्स नहीं? अन्य पिछड़ा वर्ग एवं गरीब सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण सुविधा पाने हेतु स० 8 लाख वार्षिक आय की अधिकतम सीमा किन्तु अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए कोई सीमा क्यों नहीं? रू08 लाख वार्षिक कर योग्य आय वाले व्यक्तियों को आरक्षण एवं अनेक सरकारी सुविधायें मुफ्त में मिल रहीं है तो इससे कम आय वाले व्यक्तियों से आयकर की वसूली क्यों? जी०एस०टी० के अन्तर्गत रू० 40 लाख से कम बिक्री तक की छूट किन्तु इससे कम बिक्री होने पर भी व्यापारियों से जी0एस0टी0 की वसूली एवं अनेक प्रकार के उत्पीड़न क्यों ?
आजादी से लेकर अब तक सभी सरकारों व राजनैतिक पार्टियों की फूट डालो और राज करो की भेदभाव पूर्ण नीति ने देश की जनता को जाति, धर्म, मजहब, सम्प्रदाय, क्षेत्र भाषा आदि के आधार पर अनेक टुकड़ों में बांट देश की एकता, अखण्डता एवं सम्प्रभुता को गम्भीर खतरे में डाल दिया है। विषमताओं के कारण देश के गरीब, मजदूर, किसान, छात्र, बेरोजगार, नौजवान पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *