डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, की नैक तैयारी से संबंधित प्रस्तुतीकरण की समीक्षा बैठक सम्पन्न
(राजन तिवारी संवाददाता अयोध्या धाम)
अयोध्या।राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राजभवन, लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की नैक तैयारी से संबंधित प्रस्तुतीकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा नैक के सभी 11 एट्रीब्यूट पर किए जा रहे कार्यों की विस्तार से गहन समीक्षा की गई।
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रश्नपत्र द्विभाषीय (हिंदी/अंग्रेजी) हों तथा क्षेत्रीय भाषा में भी उपलब्ध कराए जाएँ, क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अधिक से अधिक फीडबैक लेकर उसे प्रभावी रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। सभी एट्रीब्यूट में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रासंगिक फोटोग्राफ्स उचित कैप्शन के साथ प्रदर्शित करने पर विशेष जोर दिया गया।राज्यपाल ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, वॉर्ड, प्रयोगशालाओं में हो रहे प्रायोगिक कार्य, ऑडिटोरियम के उपयोग, दीक्षांत समारोह, आंगनवाड़ी एवं एच0पी0वी0 टीकाकरण, सम्मेलन, सेमिनार, विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों, लिफ्ट दिव्यांगजनों द्वारा उपयोग करते हुए आदि के फोटोग्राफ्स प्रभावी कैप्शन के साथ प्रस्तुतीकरण में शामिल किए जाएँ। सभी गतिविधियों को फोटो के माध्यम से स्पष्ट रूप से दर्शाने के निर्देश दिए गए।राज्यपाल ने कुलपति को निर्देशित किया कि प्रत्येक एट्रीब्यूट की स्वयं समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें।संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय से अपनी-अपनी सूचनाओं की जाँच करें, छूटी हुई जानकारी का समावेश करें तथा अनावश्यक सामग्री को प्रस्तुतीकरण से हटाएँ।राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग हेतु किए गए एम0ओ0यू0 की पृथक सूची एवं फोटोग्राफ्स प्रस्तुत करने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों, विशेषकर अयोध्या के आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ विश्वविद्यालय की सहभागिता, बच्चों के लिए एच0पी0वी0 टीकाकरण एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने जैसे प्रयासों को प्रस्तुतीकरण में प्रदर्शित करने पर भी बल दिया गया।राज्यपाल ने निर्देश दिए कि नैक प्रत्यायन की तैयारी को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए तथा सभी सूचनाओं को सुव्यवस्थित, तथ्यात्मक एवं गुणवत्ता-युक्त रूप में प्रस्तुत किया जाए।

