तस्करी के मुद्दे पर गैर सरकारी संगठनों के क्षमता वृद्धि पर किया गया कार्यशाला
मिर्जापुर:आज जिले में होटल स्प्रिंग में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान और न्याय नेटवर्क द्वारा नगर समाज के लिए तथा तस्करी के मुद्दों पर मिर्जापुर जिले के लगभग 34 गैर सरकारी संगठन और सरकार द्वारा जो अधिकारी महिला एवं बाल कल्याण विभाग, श्रम विभाग, चाइल्डलाइन और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के अधिकारी गण मौजूद रहे तथा दिल्ली हाई कोर्ट से एडवोकेट हेमराज जी द्वारा बताया गया कि तस्करी किसी भी का हो सकता है चाहे वह छोटा हो या बड़ा हो चाहे अमीर हो चाहे गरीब हो तस्करी किसी का भी हो सकता है जिसमें उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे बच्चों को भी कितने लोग अपने दुकान में कार्य करवाते हैं, कितने लोग ऊंट दौड़ने के लिए बच्चों को खरीद कर ले जाते हैं जैसे-जैसे बच्चा तेज से रोता है ऊंट उतनी ही तेज के साथ दौड़ता है और बच्चा गिरता है और उसमें उसकी मृत्यु हो जाती है लेकिन यह रेगिस्तान के इलाकों में किया जाता है जो मिर्जापुर भदोही पूर्वांचल का जो क्षेत्र है उसमें सबसे अधिक हिट उद्योग दुकान कई वर्षों से खेती-बाड़ी का काम जबरदस्ती करवाना किसी होटल में बचेगा काम करवाना और किसी बच्ची को उठाकर ले जाकर की उसको किसी जगह बेच देना यह तस्करी के रूप है इसको काम करने के लिए सरकार में कई विभाग बनाए गए हैं जैसे की सभी जिला में बाल कल्याण समिति, चाइल्डलाइन, श्रम विभाग और ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बनाए गए हैं जो इस रूप में कहीं ना कहीं फंसे हुए हैं उनको मुक्त करने के लिए इन अधिकारियों का एक टीम बनाई जाती है। उसे टीम के द्वारा उसे कार्यस्थल से उनको मुक्त कर लिया जाता है जिसमें हेमराज जी ने बताया कि सरकार द्वारा जो नई स्कीम आई हुई है उसमें बद्दुआ आश्रम से मुक्त कराए गए लोगों को तात्कालिक राशि के रूप में₹30000 सरकार द्वारा दिया जाता है जिसमें पटना से आए हुए संभव गुप्ता जी ने बताया कि इस कार्य को करने के लिए जब कोई भी पीड़ित परिवार कहीं से मुक्त कराया जाता है तो प्रशासन द्वारा तो उनको तात्कालिक राशि दी जाती है और उसके बाद उनके साथ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाती है उन परिवारों का समरी ट्रायल के रूप में उप जिलाधिकारी के यहां मुकदमा चलता है ताकि वहां से न्याय मिल सके और जो लोग मुक्त कराए जाते हैं उनके लिए सरकार द्वारा आवास ,मेडिकल और उनके पुर्नवासन हेतु जो सरकार की स्कीम है उसे दिलवाया जाता है ताकि कोई भी बधुआ मजदूर, बाल श्रम और तस्करी के फस ना पाए और जिले में जो जिला बंधुआ निगरानी समिति बनाई गई है उनके सदस्य भी मौजूद रहे इन्हीं के साथ कार्यशाला का समापन किया गया जिसमें संस्था द्वारा राजकुमार, बृजेश कुमार, राजीव कुमार और मनोज कुमार पाल मौजूद रहे

