तेज आवाज डीजे साउंड से बढ़ते ध्वनि प्रदूषण से आम जनमानस को परेशानी: बन्द कराने की उठी मांग
सुल्तानपुर:सभी वर्गों को आगे बढ़कर दैत्याकार डीजे पर लगानी पड़ेगी लगाम तेज आवाज डीजे साउंड से ध्वनि प्रदूषण से होती है लोगों को परेशान इस से निजात पाने के लिए आम जनमानस को निभानी पढेगी अहम भूमिका
ब्यूरो चीफ : आलोक कुमार श्रीवास्तव
सुल्तानपुर : सभी त्यौहारों बड़ी बड़ी मशीनों के साथ अनियंत्रित आवाज में साउंड बजाने के रिवाज पर रोक लगाने के लिए लिए सभी वर्गों के लोगों को पहल करनी पड़ेगी तभी ध्वनि प्रदूषण से निजात मिलेगा।और बूढ़े,बच्चे व बीमारों की सुरक्षा हो सकेगी।
बता दे कि त्यौहारों में बड़े बड़े डीजे बजाने की होड़ लग चुकी है जिसका सहारा सभी धर्मों के लोग ले रहे है। तेज ध्वनि में बजने वाले साउंड सिस्टम से हर कोई परेशान होता है लेकिन मानने को कोई तैयार नहीं है।हर त्यौहार के पहले प्रशाशन द्वारा शांति सुरक्षा कमेटी की बैठक करके डीजे पर लगाम लगाने सहित अन्य बातों को ध्यान देने की हिदायत दी जाती है लेकिन स्थिति उसके एकदम विपरीत है।जो लोग पीस कमेटी की बैठक में शामिल होते है उन्हें इससे कोई लेना देना नहीं होता बल्कि जो अत्यधिक ध्वनि में डीजे बजवाते है वो कभी भी किसी मीटिंग में नहीं जाते।त्यौहारों का मजा किरकिरा करने के लिए लाखों रुपए खर्च करके बड़े बड़े दैत्याकार डीजे बुलाए जाते है और उनकी आवाज ऐसी होती है घरों की दीवाले तक कम्पन करने लगती है।कोई भी व्यक्ति उसके पास घंटा आधा घंटा खड़ा नहीं हो सकता अगर किसी ने दुस्ताखी की तो बीमार होना निश्चित है।ऐसे में अगर मीठी ध्वनि में बजने वाले साउंड सिस्टम का उपयोग किया जाय तो उसके भक्ति भावना का भी सम्मान होगा और हर व्यक्ति उसे सुनकर आनंदित भी होगा।लेकिन ऐसा तभी होगा जब समाज के सभी वर्गों के लोग इसके लिए आगे आयेंगे और अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कर्णप्रिय साउंड सिस्टम की वकालत करेंगे।

