थाना गोमतीनगर विस्तार पुलिस टीम द्वारा हॉस्पिटल में हंगामा, तोड़फोड़ व मारपीट करने के आरोपी 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार
ब्यूरो चीफ आर एल पांडेय
लखनऊ। थाना गोमती नगर विस्तार पुलिस टीम दिनांक 26.07.2024 को थाना क्षेत्र में राप्ती अपार्टमेंट तिराहे गस्त करता हुआ रिवर व्यू माल चौराहा पहुंचे तो देखा कि चौराहे के पास काफी भीड़ लगी है दो व्यक्ति 1. अंशु सिंह पुत्र स्व0 श्याम कुमार सिंह निवासी ग्राम पहाड़पुर थाना बन्थरा जनपद लखनऊ उम्र करीब 20 वर्ष 2. प्रदीप सिंह पुत्र इन्द्रबहादुर सिंह निवासी निवासी ग्राम झबरा थना लालगंज जिला रायबरेली उम्र करीब 31 वर्ष आस पास खडे लोगो से दिनांक 24.07.2024 को एग्निस हाल्पिटल में हुई घटना ” विपक्षीगण द्वारा वादी डा० रविदेव व अस्पताल के अन्य स्टाफ के साथ हस्पिटल में मारपीट करने गाली गलौज करने तथा अस्पताल के उपकरण को फोडा गया था ” जिसके सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 143/2024 धारा 191(2)/115(2)/333/324(4)/352 बीएनएस व 3बी उ0प्र0 चिकित्सा परिचर्या सेवा कर्मी और चिकित्सा परिचर्या सेवा अधिनियम में अभियोग पंजीकृत है। उक्त घटना के वायरल वीडियो की बात को लेकर काफी तेज आवाज में वाद विवाद कर रहे हैं तथा आस-पास के लोगो पर आमादा फौजदारी हो रहे थे। पुलिस टीम द्वारा पास पहुंचकर वाद विवाद कर रहे दोनों व्यक्ति से शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु कहा गया किंतु उक्त दोनो व्यक्ति शान्त होने के बजाय और अधिक उत्तेजित होकर वाद विवाद करने लगे एवं आमादा फौजदारी हो गये, पुलिस टीम द्वारा काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया गया किंतु नही माने। शान्ति व्यवस्था भंग होने की प्रबल सम्भावना उत्पन्न होने पर अग्रेसिव व्यक्तियों को मौके पर ही अन्तर्गत धारा 170 बीएनएसएस में समय करीब 12.40 बजे गिरफ्तारी का कारण बताते हुए हिरासत पुलिस में लिया गया। यदि गिरफ्तारी न की जाती तो निश्चय ही कोई संज्ञेय अपराध हो जाती दौराने गिरफ्तारी मा० सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों निर्देशों का अक्षरशः पालन किया गया। उपरोक्त दोनो अभियुक्तगणो मे से अंशू सिंह के पिता स्व० श्याम कुमार सिंह की मृत्यु इलाज के दौरान एग्निस हाल्पिटल में हुई थी तथा प्रदीप सिंह मृतक श्याम सिंह के रिस्तेदार है को बाद विधिक कार्यवाही अभियुक्तगण उपरोक्त को अन्तर्गत धारा 170/126/135 बी०एन०एस०एस० चालान कर मा0 न्यायालय 14 दिवस का न्यायिक अभिरक्षा रिमाण्ड स्वीकृत करने व अधिक से अधिक धनराशि के जमानत/मुचलके पर पाबन्द करने हेतु रवाना किया गया।

