दिनांक: 01 फ़रवरी 2026  का बजट व्यापारियों के खिलाफ, निराशाजनक एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट ने देश के व्यापारियों को गहरी निराशा दी है।

दिनांक: 01 फ़रवरी 2026

का बजट व्यापारियों के खिलाफ, निराशाजनक एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट ने देश के व्यापारियों को गहरी निराशा दी है। यह बजट छोटे, मध्यम और खुदरा व्यापारियों के हितों की अनदेखी करता हुआ प्रतीत होता है और पूरी तरह व्यापार विरोधी है।

व्यापारी वर्ग लंबे समय से टैक्स सरलीकरण, जीएसटी में राहत, पूंजी की आसान उपलब्धता, बढ़ती लागत और महँगाई से राहत की अपेक्षा कर रहा था, लेकिन बजट में इन मुद्दों पर कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया। उलटे, जटिल नियमों और बढ़ते अनुपालन के बोझ से व्यापारियों की समस्याएँ और बढ़ने की आशंका है।

देश का व्यापारी वर्ग अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन इस बजट में उसके योगदान को न तो सम्मान मिला और न ही राहत। इससे छोटे व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित होगा और रोजगार पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल इस बजट का कड़ा विरोध करता है और सरकार से मांग करता है कि वह व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट प्रावधानों की समीक्षा करे तथा शीघ्र ही व्यापारियों को वास्तविक राहत देने वाले संशोधन लाए।

अंजनी कुमार पांडे राष्ट्रीय अध्यक्ष संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल

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