यह सातवां साल है, जो पद रिक्त होने के बावजूद भर्ती के इंतजार में बीतने जा रहा है। अपर निजी सचिव (एपीएस) के तीन सौ से अधिक रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के पास पड़ा हुआ है, लेकिन आयोग ने इसका विज्ञापन जारी नहीं किया।
केवल एपीएस ही नहीं, एलटी ग्रेड शिक्षक और प्रवक्ता के पद के भी हजारों पर खाली होने के बावजूद नई भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया जा रहा। आयोग को वर्ष 2016 में एपीएस के तकरीबन ढाई सौ पदों का अधियाचन मिला था। रिक्त पदों की संख्या बढ़कर अब 300 से अधिक हो चुकी है। इनमें तकरीबन 271 पद सचिवालय में हैं और बाकी के पद राजस्व परिषद एवं यूपीपीएससी में हैं।

