पाँचवे दीपोत्सव पर 84 कोस में सजी राम नगरी अयोध्या,रंगबिरंगी तस्वीरों में दिख रही निराली छटा

अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या)प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या मे इस बार पाँचवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए शासन प्रशासन ने एड़ी चोटी एक कर दिया है।जिसका नतीजा यह  रहा कि दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर यानी कि 2 नवंबर को पूरी अयोध्या दुल्हन की तरीके से रंग बिरंगी प्रकाश में जहां एक ओर सजी हुई थी वहीं दूसरी तरफ सरयू किनारे स्थित राम की पैड़ी पर आयोजित होने वाले पांचवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए नौ लाख से अधिक दीपों से दीपोत्सव  मनाने के लिए शासन-प्रशासन एड़ी चोटी एक किया हुआ था कि इसमें कोई चूक ना रह जाए।वही 2 नवंबर को लाइट आउट साउंड सिस्टम द्वारा राम कथा पार्क का दृश्य लोगों को बरबस ही अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था कुल मिलाकर इस समय अयोध्या के राम नगरी दुल्हन की तरीके से सजी हुई है जिसे 3 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव के लिए फाइनल टच दिया गया था।सूत्र के मुताबिक चौदह साल का वनवास पूरा करके अपने गृह नगर लौट रहे प्रभु श्रीराम के स्वागत की संपूर्ण भावभूमि आकार ले चुकी है। बुधवार दोपहर सरयू किनारे रामकथा पार्क में पुष्पक विमान स्वरूप हेलीकॉप्टर से प्रभु राम, सीता व लक्ष्मण उतरेंगे। वहां राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत विभिन्न मंत्री और संत-धर्माचार्य दीप सजाकर प्रभु की अगवानी करेंगे।इसके बाद वे गुरू वशिष्ठ की भूमिका में भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। सीएम रामलला के दरबार भी जाएंगे। इसके बाद सीएम, राज्यपाल सहित कई मंत्री मां सरयू की भव्य आरती भी उतारेंगे।वही राम की पैड़ी के घाटों पर विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए नौ लाख दीप जलाकर साढ़े सात लाख दीप एक साथ 40 मिनट तक जलाने और पांच मिनट तक जलते रहने का नया विश्व कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य अवध के 12 हजार युवा साधेंगे। 2017 से शुरू हुए दीपोत्सव ने हर साल नए कीर्तिमान गढ़े हैं। नए रिकॉर्ड की साक्षी बनने के लिए गिनीज बुक की टीम अयोध्या पहुंच चुकी है।राम की पैड़ी पर 337 फीड की स्क्रीन पर महर्षि बाल्मीकि रामकथा सुनाएंगे।यहां तीन लेयर की लाइटें लगाई हैं। साउंड सिस्टम 32 फीट पर लगाया गया है। घाट पर तीन अलग-अलग तरह की स्क्रीन पर महर्षि वाल्मीकि अयोध्या के घाट पर स्वयं पधारेंगे और रामकथा सुनाएंगे। मल्टीमीडिया शो में लाइट एंड साउंड शो दर्शकों और श्रद्धालुुओं को मंत्रमुग्ध कर देगा। प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए महर्षि वाल्मीकि की मल्टी डायमेंशनल होलोग्राफिक इमेज अयोध्या की पावन धरा पर अवतरित होगे।इस बार सरयू पुल पर ग्रीन पटाखों की आतिशबाजी होगी। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथि सरयू तट से आतिशबाजी निहारेंगे। इसके लिए यहां अलग से मंच बनाया गया है। करीब 20 मिनट तक आतिशबाजी होगी।अलग-अलग रंगों के पटाखों से आसमान सतरंगी हो जाएगा। सरयू पुल व घाटों के फूलों एवं विद्युत झालरों से सजाया गया है। शाम होते ही पूरा सरयू तट रोशनी में नहा उठता है।दीपोत्सव समारोह को लेकर अयोध्या के सभी प्रवेश द्वारों से लोगों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।मंगलवार से रूट डायवर्जन लागू हो गया। मुख्य कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा की कमान एटीएस व अर्द्धसैनिक बलों ने संभाल ली। अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर अर्द्धसैनिक बल, पीएसी के जवान, पुलिस व होमगार्ड तैनात हैं।वही खुफिया विभाग व सादी वर्दी में पुलिस के जवान संदिग्धों पर नजर रख रहे हैं। अयोध्या प्रवेश के द्वार हनुमान गुफा, साकेत पेट्रोल पंप, रामघाट, बूथ नंबर चार, हलकारक का पुरवा, उदया चौराहा, टेढ़ी बाजार, गैस एजेंसी गोदाम के पास से बाहरी वाहनों व लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। अयोध्यावासियों, ड्यूटी में लगे अधिकारी-कर्मचारी व दीप लगाने में जुटे स्वयंसेवकों को ही आने-जाने दिया जा रहा है।सुरक्षा की कमान स्वयं आईजी कविंद्र प्रताप सिंह के साथ एसएसपी शैलेश पांडेय, एसपी सिटी विजयपाल सिंह व जनपद में तैनात व बाहर से आए एएसपी स्तर के अधिकारियों ने संभाल ली है।इस संबंध में एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। जिले के व बाहर से आए अधिकारी व कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है।
कोविड प्रोटोकॉल के चलते ज्यादा भीड़ न हो, इसके लिए बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। दीपोत्सव समारोह के मुख्य कार्यक्रम स्थल के प्रवेश के सभी द्वार पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। यहां से सिर्फ दीप सजाने के कार्य में लगे स्वयंसेवक व व्यवस्था से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को विश्वविद्यालय व संबंधित विभाग से जारी परिचय पत्र पर प्रवेश दिया जा रहा था।राम की पैड़ी, सरयू घाट व रामकथा पार्क जाने के लिए इसी स्थान से गुजरना पड़ेगा। यहां पुराने पुल, बाईपास, शहर में प्रवेश के और सरयू घाट पर जाने वाले मार्ग पर बैरियर लगे हैं। तैनात सुरक्षाकर्मी व्यवस्था में लगे लोगों को छोड़कर किसी को आने-जाने नहीं दे रहे थे।गोंडा जनपद से जुड़ा पुराने सरयू पुल के दोनों तरफ के अलावा बीच में एक स्थान पर लगे बैरियर से किसी को आने नहीं दिया जा रहा है। गोंडा जनपद में भी अयोध्या आने वाले मार्ग लकड़मंडी मोड़ पर गोंडा पुलिस द्वारा बैरियर लगाया है। पुराने पुल से नयाघाट तक जाने वाले करीब दो सौ मीटर मार्ग पर बीच में लोहे की जाली से डिवाइडर बनाया गया है।यह रास्ता मुख्य कार्यक्रम के दौरान सिर्फ वीआईपी इस्तेमाल करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *