पीठाधीश्वर ‘ब्रह्म सत्यं जगत मिथ्या’ कथन आद्यगुरु शंकराचार्य का वचन नहीं, अयोध्या को बताया विश्व की प्रथम राजधानी

अयोध्या।(डा.अजय तिवारी जिला संवाददाता)
पुरी पीठाधीश्वर श्रीमदजगदगुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने ब्रह्म सत्यं जगत मिथ्या कथन को लेकर चले आ रहे एक भ्रम को खत्म करने का प्रयास किया है।अयोध्या पुरी में पहुंचकर पुरी पीठाधीश्वर ने कहा कि आद्य शंकराचार्य ने कभी यह नहीं कहा कि ब्रह्म सत्यं जगत मिथ्या है।
जगन्नाथ पुरी के पीठाधीश्वर श्रीमद जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्य पाद स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या पधारे हैं। पूर्व आईएस कैप्टन एसके द्विवेदी चंद्रिका प्रसाद तिवारी ब्रह्म सागर संगठन के पदाधिकारियों और अयोध्या के एसडीएम व सीओ सिटी ने जगतगुरु शंकराचार्य का रेलवे स्टेशन पर स्वागत अभिनंदन किया है। रेलवे स्टेशन पर पुरी पीठाधीश्वर का स्वागत करने पहुंचे आयोजन समिति के सदस्य अयोध्या में होने जा रहे सनातन धर्म सम्मेलन में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य जी महाराज ने श्री संकटमोचक हनुमान मन्दिर प्रांगण में प्रश्नोत्तर माला में जिज्ञासुओं के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि दर्शन, विज्ञान और अध्यात्म में सामंजस्य रखने वाले धर्मगुरु ही सनातन धर्म व देवसंस्कृति का कल्याण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामनगरी अयोध्या इस विश्व में मानव निर्मित प्रथम राजधानी है।उन्होंने कहा कि अयोध्या पहुंचने वाले लोग बड़े सौभाग्यशाली होते हैं। रेलवे स्टेशन पर पुरी पीठाधीश्वर का स्वागत पूर्व आईएएस कैप्टन एसके द्विवेदी ने किया। श्री शंकराचार्य ने हिन्दू शब्द को शास्त्रसम्मत बताया और कहा कि भावी समय हिन्दू संस्कृति का है, सनातन संस्कृति का है। श्रीमज्जगदगुरु शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वे सभी तत्व विद्यमान हैं जो मानव समाज के लौकिक और पारलौकिक सभी प्रकार का उत्कर्ष करने में सक्षम हैं। एक प्रश्न के उत्तर में शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि ब्रह्म सत्यं जगत मिथ्या’ कथन आद्यगुरु शंकराचार्य का वचन नहीं है, उसे उन्होंने किसी उद्बोधन के दौरान विषय पर चर्चा करते हुये उद्धृत किया था। उन्होंने महामंत्र गायत्री सम्बन्धी सवालों के उत्तर भी दिये।पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य से आईजी के पी सिंह और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय मिलने गये।इस मौके पर जगद्गुरु शंकराचार्य ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि हिन्दू संस्कृति सनातन संस्कृति है जो कभी नष्ट नहीं हो सकती। दुनिया के अनेक धर्म संप्रदाय और संस्कृतियां पनपे और नष्ट हो गए, हिन्दू संस्कृति प्राकृतिक नियमों से संबद्ध है और अनेक उतार चढावों के बावजूद हिंदुत्व बना रहेगा, निरंतर बढ़ेगा और अपने चरम पर पहुंचेगा। पुरी शंकराचार्य महाराज से मिलने पहुंचने वाले गणमान्य व्यक्तियों में पुलिस महानिरीक्षक कवीन्द्र प्रताप सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय भी शामिल रहे।

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