बरवापट्टी/दुदही(कुशीनगर)
समाचार मिला है कि जनपद के एक ऐसा विकास खण्ड है ,जहां ग्राम पंचायतों के पूव॔ प्रधानों द्वारा शासन से निर्गत किये गये शौचालय के लाखों रूपये को शौचालय के निर्माण में न लगा कर विभागीय अधिकारियों की मिली-भगत आपस में धन का बंदर -बांट कर लिया गया है।
प्राप्त समाचार से मिली खबरों के अनुसार जनपद के दुदही विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत -बैकुन्ठपुर,चौबेया पटखौली, मिश्रौली ,बीचपटवा,,तिवारी पट्टी, जंगल नौगावां, जंगल लालाछपरा, सरगटिया करनपट्टी, रकबादुलमा पट्टी,पृथ्बीपुर, दोघरा,
सोरहवां(शाहपुर माफी,बुन्देल गिरी),दुदही, जंगल शंकरपुर, गगलवा,गनेशापट्टी,मछरिहां दलजीत कुंवर,ब्रह्मपुर, आदि ग्राम पंचयतों में
शौचालय का निर्माण न कराकर सारे धन का आपस में बंदर बांट कर लिया गया है जो क्षम्य नहीं है।
क्षेत्र में भ्रमण के दौरान ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि जो शौचालय बना है वह आधे- अधूरा ही बना है। पैसा उठा लिया गया है। कितने लाभार्थियों को पता ही नहीं है कि हमारा सूची में नाम है।और न ही जिम्मेदारों द्वारा लाभार्थियों को बताया ही गया है।
ग्रामीणों द्वारा यह भी बताया गया कि जिम्मेदारों द्वारा एक ही शौचालय के नाम पर दो-दो बार लाभार्थियों का नाम लिखकर पैसा उठा लिया गया है। यही नहीं सूची में असली लाभार्थियों के नाम रहने के बावजूद भी उन्हें शौचालय न बनवाकर अपात्र के नाम के आगे उफ॔ लगाकर फर्जीवाड़ा करके किसी अन्य अपात्र लोग़ों के नाम से शौचालय बनवाया गया है। जो निष्पक्ष जांच का बिषय है। यदि सही तरीके से सम्पूण॔ मामलों की निष्पक्ष जांच-पड़ताल हो जाय तो कितने प्रधानों और बिभागीय अधिकारिय़ों व कर्मचारियों को जेल जाना पड़ेगा।यह निश्चित है। कोई बच नही सकता है।विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों द्वारा शौचालय,आवास की जांच-पड़ताल केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सी० बी०सी०आई०डी०) भारत सरकार से पिछले बर्ष सन जनवरी २०१६ से लगायत ३० दिसम्बर सन २०२० पांच बर्षो तक सम्पूण॔ अभिलेष के आधार पर जांच-पड़ताल कराकर दोषी घोटालेबाजों के खिलाफ बिधिक कार्यवाही किया जाय,ताकि पुनराबृत्ति न हो सके।

