महाकुंभ में स्वयं जाने से ही दिखता है आस्था का सैलाब: खोसला

महाकुंभ में स्वयं जाने से ही दिखता है आस्था का सैलाब: खोसला

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। F.R.H.U.P के राष्ट्रीय सचिव राजीव जोली खोसला ने आस्था के दिव्य महाकुंभ में जाकर संगम में स्नान किया और विश्व शांति की दुआ भी मांगी। महाकुंभ में संगम नगरी को बताया जाता है तकरीबन 50 किलोमीटर के एरिया में वह विश्व भर से आए हुए श्रद्धालु स्नान करते हैं व तपस्वी साधु संत, महात्मा, नागा साधु भी अपने-अपने हिसाब से विशाल पंडाल लगते हैं वह आने वाले श्रद्धालुओं को अपने दर्शनों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के खाने के व्यंजन भी खिलते हैं इसी प्रकार का पंडाल साध्वी विभानंद गिरी जी ने भी सेक्टर 19 गागोलिक शिवालय मार्ग पर लगा रखा है अपने गुरु अंतरराष्ट्रीय ब्रह्मलीन स्वामी प्रज्ञानंद जी की आज्ञा अनुसार जिसमें सुबह के वक्त चाय नाश्ता दोपहर का और रात्रि का भोजन मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को दिया जाता है अखाड़े में 14 तारीख से 20 तारीख तक भगवत गीता का पाठ रखा गया व 23 तारीख से 29 तारीख तक श्री राम कथा का आयोजन किया जाएगा भागवत के विश्राम दिवस पर स्वामी निरंजन जी ने आकर बताया कि यह कुंभ नगरी कुछ समय के लिए बसाई जानी है उसके पश्चात इसे खाली कर दिया जाता है इसी प्रकार इंसान को भी अपने कर्म करने चाहिए क्योंकि मृत्यु के बाद कर्म ही फल देते हैं साध्वी विभानंद गिरी जी ने बताया इंसान की मृत्यु से पहले उसकी आत्मा जाकर इंसान के किए हुए कार्यों का लेखा-जोखा बता देती है उसी के आधार पर इंसान को अपने कर्मों का फल मिलता है (m.p )कटंगी से आए बाल स्वामी चक्रानंद गिरी जी ने भी प्रवचनों में जीव हत्या रोकने का कहा राजीव खोसला ने बताया कि विभिन्न अखाड़ों में जाने से साधु -संत, महात्माओं, तपस्वियों के दर्शन होते हैं वह उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है खोसला ने कहा कि स्वयं आकर ही विशाल महाकुंभ के दर्शन करने से ही पता लगता है कि सनातन धर्म की आस्था क्या है और सभी से निवेदन किया कि वह महाकुंभ के दर्शन करने जरूर जाएं यह महाकुंभ 144 वर्ष बाद लग रहा है शासन प्रशासन ने भी अपना पूरा इंतजाम कर रखा है मगर कुछ स्वार्थी लोग आए हुए श्रद्धालुओं को परेशान करते हैं जैसे चलने वाले ई रिक्शा वी संगम तक जाने वाले नाव चलाने वाले भी अंधाधुन पैसा मांगते हैं सरकार की इतनी अच्छी व्यवस्था के बाद भी इस पर ध्यान देना चाहिए ई रिक्शा चालक भी मनमानी करते हैं सरकार को इनका दाम तय कर देना चाहिए बाकी बहुत अच्छा अनुभव महसूस हुआ श्री योगअभ्यास आश्रम ट्रस्ट के योगाचार्य योग गुरु स्वामी अमित देव जी ने भी वहां जाकर अपना योग का कैंप लगाया योग का प्रदर्शन योगाचार्य विनय भाटिया जी ने किया खोसला अपने परिवार के साथ गए और संगम में स्नान कर लेटे हनुमान जी के दर्शन किए व अनेकों साधु संतों से और नागा साधुओं से आशीर्वाद लिया नागा साधु भी सिर्फ कुंभ के मेले में ही दिखाई देते हैं फिर वह अपने हिमालय के गोद में विभिन्न गुफाओं में चले जाते हैं।

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