महापुरुषों का अध्ययन कर उनके जीवन दर्शन का अनुसरण करें
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। तेईस दिन बाद जागते रहो भारत यात्रा दक्षिणी गुजरात के तापी जिले में रही। हीरा नगरी सूरत से अलग होकर नए बनाए जिले तापी में गांधी विचारों की गहरी छाप आज भी देखी जा सकती है। सुबह 92 वर्षीय गांधी विचारक तल्ला बहन ने गांधी विद्यापीठ सभागार में सम्मेलन का आयोजन किया था। गुजरात में प्रवेश के समय ही यात्री दल ने तल्ला बहन से जब जागते रहो भारत यात्रा के बारे में जिक्र किया तो उनकी वाणी का उत्साह हमारी ऊर्जा बन गया। उसके बाद हमसे निरन्तर सम्पर्क रखते हुए तीन संस्थाओं में कार्यक्रम और गांधी विद्यापीठ के अतिथि गृह में आवास व्यवस्था की। विद्यापीठ के कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद अमर सिंह भाई चौधरी ने कहा कि यात्राएं जन साधारण से जुड़ने का सर्वाधिक कारगर तरीका है। विनोबा जी की भूदान यात्रा भारतीय सामाजिक जन जागरण की अविस्मरणीय घटना है। व्यवहार और विचार से ह्रदय परिवर्तन की दुनियां में कोई दूसरी इससे बड़ी घटना नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि सत्र के दशक में डाकू आत्मसमर्पण के लिए गांधीवादी स्वतन्त्रता सेनानी डॉक्टर एस एन सुब्बाराव ने इस प्रयोग को दोहराया। गांधी विद्यापीठ के छात्रों को संबोधित करते हुए वयोवृद्ध गांधी विचारक तल्ला बहन ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक उन्नति की बात समझ आती है लेकिन मानवीय पतन से मन व्यथित है। अगली पीढ़ी अपराध की शिकार हो तब यह हमारे लिए सामाजिक शर्म का विषय है। विद्यापीठ के विद्यार्थियों विशेष रूप से छात्राओं से उन्होंने कहा कि आप अपने महापुरुषों का अध्ययन कर उनके जीवन दर्शन का अनुसरण करें। विद्यापीठ की प्राचार्य अंजना बहन ने यात्री दल को साधुवाद देते हुए कहा कि आपका बहन बेटियों की सुरक्षा का संकल्प अवश्य फलीभूत होगा। विद्यापीठ के कार्यक्रम के बाद जागते रहो भारत यात्रा कस्तूरबा अध्यापन केन्द्र बरखेड़ी में थी। शिक्षक प्रशिक्षक केन्द्र की छात्राओं के साथ प्रिंसिपल संगीता व्यास ने यात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में संयोजक राजेन्द्र यादव ने कहा कि गांधी विचारों में पली पढ़ी बहनें अपनी गरिमा की रक्षा करने में समर्थ हैं। व्यक्ति का आचार व्यवहार उसका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। भोजन के बाद इस आदिवासी क्षेत्र की बहनों द्वारा प्रस्तुत आदिवासी गरबा देख यात्री दल चकित रह गया। हमें बताया गया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में इस नृत्य को प्रथम स्थान मिला है। अध्यापन केन्द्र के शिक्षक प्रतीक व्यास ने जागते रहो भारत यात्रा के दौरान विद्यालय पधारने पर आभार और अभिनंदन किया।

