महिलाओं का आर्थिक, शैक्षिक आदि दृष्टियों से सशक्तिकरण के लिए ग्रामश्री संस्था का सृजन किया गया – राज्यपाल

महिलाओं का आर्थिक, शैक्षिक आदि दृष्टियों से सशक्तिकरण के लिए ग्रामश्री संस्था का सृजन किया गया – राज्यपाल

राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने ग्रामश्री एवं क्राफ्ट रूट्स द्वारा आयोजित हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

पहली बार है जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री ग्रामश्री एवं क्राफ्ट रूट्स की प्रदर्शनी में सम्मिलित हो रहे

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां ग्रामश्री एवं क्राफ्ट रूट्स द्वारा आयोजित हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक, शैक्षिक आदि दृष्टियों से सशक्तिकरण के लिए ग्रामश्री संस्था का सृजन किया गया। संस्था का सौभाग्य है कि इसका ग्रामश्री नामकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। ग्रामश्री, हस्तशिल्पियों और कारीगरों को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उनके पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनी है। ग्रामश्री एवं क्राफ्ट रूट्स को आगे बढ़ाने में हस्तशिल्पियों और कारीगरों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

ग्रामश्री द्वारा अब तक आयोजित 57-58 कार्यक्रमों में यह पहली बार है जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री ग्रामश्री एवं क्राफ्ट रूट्स की प्रदर्शनी में सम्मिलित हो रहे हैं। श्रीरामलला 22 जनवरी को अयोध्या में अपने नव्य और भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। इस आयोजन की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री जी पर है। इसके बावजूद अपने व्यस्त कार्यक्रम से उन्होंने समय दिया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि 500 वर्षों की प्रतीक्षा के पश्चात श्रीरामलला प्रधानमंत्री के कर-कमलों द्वारा अयोध्या नगरी में स्वयं के भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। हस्तशिल्पियों ने देश की विरासत व परम्परा को सजाया-संवारा है। यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री जी की ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना पर आधारित है। पूर्व में हैंडीक्राफ्ट की ताकत को विस्मृत कर दिया गया था। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वर्ष 2018 में प्रदेश के परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक जनपद एक उत्पाद’ के रूप में एक अभिनव कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया। इसके अन्तर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में पहले से प्रचलित यूनीक प्रोडक्ट का चयन कर, उसे डिजाइनिंग, तकनीक तथा मार्केटिंग के साथ जोड़ने का कार्य किया गया है । इसके अगले वर्ष ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना प्रदेश में लागू की गई। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन व प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मानदेय तथा टूलकिट उपलब्ध कराने के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

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