मादक पदार्थ मामलों में दोषी पाए गए पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा
बिपिन गुप्ता/महाराष्ट्र
मुंबई, राज्य सरकार ने नशा विरोधी अभियान में जीरो टॉलरेंस का रुख अपनाया है। मुंबई और पुणे जैसे शहरों में अगर कोई पुलिस अधिकारी ड्रग रैकेट का दोषी पाया जाता है तो उसे तुरंत अपने पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ऐसा गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में बताया ।
सदस्य अमीन पटेल ने इस बारे में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया था इस चर्चा में सदस्य मनीषा चौधरी, योगेश सागर, बाला नार, सुनील प्रभु ने भाग लिया।
गृह राज्य मंत्री कदम ने कहा कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी और उनके कब्जे के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम 1985 के तहत कार्रवाई की जा रही है। राज्य में वर्ष 2024 में मादक पदार्थ नियंत्रण अधिनियम के तहत उपयोगकर्ताओं के विरूद्ध 15,873 मामले दर्ज किये गये तथा 14,230 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, मादक पदार्थों के कब्जे और परिवहन के संबंध में कुल 2,738 मामले दर्ज किए गए हैं और 3,627 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 4240.90 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किये गये हैं। राज्य में मादक पदार्थों के व्यापार और वितरण पर अंकुश लगाने के लिए सभी पुलिस इकाइयों में अलग-अलग मादक पदार्थ निरोधक प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। राज्य सरकार ने मादक पदार्थों के व्यापार और उपभोग को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और एक विशेष पुलिस महानिरीक्षक को समन्वय अधिकारी नियुक्त किया गया है। केन्द्र सरकार के आदेशानुसार नार्को-समन्वय तंत्र का पुनर्गठन किया गया है। इसके तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की स्थापना की गई है। राज्य में मादक पदार्थ विरोधी अभियान को मजबूत करने के लिए राज्य स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति और जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समितियों की स्थापना की गई है। ये समितियां समय-समय पर समीक्षा करती हैं और मादक पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करती हैं ।

