यूपी में बाढ़ का कहर, 22 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया

यूपी के कई जिलों में बाढ़ के कहर को देखते हुए प्रदेश के 22 जिलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया गया है। इन जिलों में बाढ़ से हाहाकार की स्थिति है। बाढ़ के कारण अब तक हजारों हेक्टेयर फसलें प्रभावित हो चुकी हैं और जनजीवन अस्तव्यस्त है। बाढ़ प्रभावित जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों का पलायन जारी है। लोग गांव से सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।

बाराबंकी जिले के कोटवाधाम और गनेशपुर इलाकों में बैराजों से 2.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान को पार कर गया है। नदी का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ने से तराई में हड़कंप मच गया है और लोग गांव छोड़ सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। उधर मसीना के भंवर में फंसकर तेलवारी गांव के दो और मकान नदी की धारा में समा गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है और तीनों तहसीलों के एसडीएम को पूरी तरह से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने को तैयार रहने को कहा गया है।

एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, नेपाल द्वारा शारदा बैराज से एक लाख 46 हजार तथा गिरजा बैराज से एक लाख 42 हजार क्यूसेक पानी मंगलवार को सरयू नदी में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का पानी लाल निशान को पार कर गया है। पानी गांवों की ओर तेजी से बढ़ता देख लोग सुरक्षित स्थानों के लिए निकल पड़े हैं। वहीं मसीना भंवर की चपेट में आकर तेलवारी गांव के नोखई और श्रीराम के मकान नदी की धारा में समा गए हैं।

इसके अलावा सनावा, कहारन पुरवा, तेलवारी, कोठी डीहा, टेपरा, बघौलीपुरवा, सरायसुर्जन, गोबरहा, बेहटा, परसवाल, मंझारायपुर, बबुरी, घुंटरू, सरदाहा, भयकपुरवा, इटहुआपूर्व आदि कई गांवों के लोगों में बाढ़ को लेकर दहशत फैल गई है। गांव की ओर पानी आता देख स्थानीयल लोगों ने गांव छोड़कर अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर सुरक्षित स्थान पर पलायन शुरू कर दिया है। हालांकि तहसील प्रशासन की तरफ से कोई मदद न मिलने से बाढ़ पीड़ितों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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