जौनपुर ऋषि यमदग्नि के तपः भूमि के अभिधान से विभूषित आदि गंगा गोमती के पावन तट व अटाला मस्जिद एवं शाही किला जैसी ऐतिहासिक इमारतों के मध्य स्थित राजा श्री कृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिसे हम प्यार से संक्षिप्त रूप में राज कॉलेज कहते हैं, वर्षों से देश को शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक रूप से समृद्ध कर रहा है| हमारा यह महाविद्यालय उत्तर प्रदेश के 3 सबसे पुराने संस्थानों में से एक है| यह महाविद्यालय मिशनरी स्कूल के रूप में 1841 में स्थापित हुआ इसके लिए आवश्यक जमीन व कोश पुण्यात्मा महाराज श्री बाल दत्त ने उपलब्ध कराई इन्हीं के शुभ संकल्पों को पूरा करते हुए राजा श्री कृष्ण दत्त ने जिनकी चिर स्मृतियों का साक्षी यह महाविद्यालय है, इस संस्थान को प्राइमरी से लेकर हाई स्कूल तक उन्नत किया| महाराज ने अपनी त्याग एवं बलिदान से देश प्रेम के जिन मूल्यों को स्थापित किया वह युगों युगों तक जनमानस को प्रेरणा देता रहेगा| उनके सिरजे मूल्यों के आलोक में राजा श्री यादवेंद्र दत्त दुबे ने संस्थान को व्यवस्थित रूप देते हुए हाई स्कूल से इंटरमीडिएट, इंटरमीडिएट स्नातक और फिर स्नातकोत्तर स्तर तक उत्तरोत्तर विकास किया| इस महाविद्यालय को महाराज ने इसलिए स्थापित किया की आस पास के गांव के गरीब सुविधा हीन और वंचित वर्ग के लोग सस्ती दर पर उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त कर सकें और यह भी बात महत्वपूर्ण है कि राजा साहब ने अपने संस्थानों में राज परिवार राज परिवार से रिश्ते में जुड़े हुए किसी व्यक्ति को नहीं रखा है, बल्कि यह संस्थान क्षेत्र व् प्रदेश के कोने कोने सेआ ए लोगो को उनकी प्रतिभा के आधार पर रोजगार प्रधान कर रहा है
महाविद्यालय ने जुलाई 1959 में स्नातक की मान्यता प्राप्त किया | अध्यक्ष राजा श्री यादवेंद्र दत्त दुबे व प्रबंधक जी के कुशल मार्गदर्शन में प्राचार्य डॉ ब्रज भूषण दुबे के कठिन परिश्रम और प्रयास से 1996 में महाविद्यालय को स्नातकोत्तर की मान्यता प्राप्त हुई|
त्याग एवं बलिदान की धनि महान स्वतंत्रता सेनानी श्री यादवेंद्र दत्त दुबे ने न सिर्फ इस संस्थान को बल्कि बदलापुर सहित अनेक संस्थानों को भूमि व संपत्ति प्रदान किये है , जहां वह आज पुष्पित व पल्लवित हो रहे हैं| शाही महल के बगल में स्थित रॉयल गेस्ट हाउस को विज्ञान संकाय शुरू करने के लिए उन्होंने प्रदान किया| हमारा महाविद्यालय शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित है, संस्थान का मुख्य परिसर अटाला मस्जिद से सटा हुआ है जहां पर भाषा संकाय, कला मानविकी और सामाजिक विज्ञान संकाय एवं शिक्षा संकाय का पाठ्यक्रम चलता है दूसरी मुख्य बिल्डिंग रासमण्डल में है जहां विज्ञान संकाय एवं वाणिज्य संकाय उपस्थित है | हमारे महाविद्यालय कि इन सभी संकायों में उन्नत शिक्षा व शोध कार्य निरंतर चलता रहता है, तीसरी मुख्य बिल्डिंग हिंदी भवन के नजदीक श्री राजा यादवेंद्र दत्त केंद्रीय लाइब्रेरी है तथा सुदूर क्षेत्रों से ,दूसरे जनपदों से आने वाले छात्रों के लिए नूतन हॉस्टल भंडारी रेलवे स्टेशन के बगल में स्थित है, यहीं पर छात्रों की खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजा यादवेंद्र दत्त खेल मैदान स्थित है, इस संस्थान की 14 एकड़ जमीन धर्मापुर में स्थित है वहीं पर एक सुंदर बगीचा है और वहीं पर स्वर्ण मंदिर अमृतसर की तर्ज पर या उसी की अनुकृति में भगवान शिव का एक सुंदर मंदिर स्थित है |
180 वर्षों के इतिहास में महाविद्यालय नित नए नए स्वरूप को ग्रहण करता रहा है जिसमें सब की भूमिका के साथ-साथ प्राचार्यो की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, संस्थापक प्राचार्य स्वर्गीय डॉक्टर अखिलेश चंद्र उपाध्याय ने जिस शैक्षिक पृष्ठभूमि को तैयार किया उसको आगामी प्राचर्यो ने अपने परिश्रम से और आगे बढ़ाया| उज्जवल चेतना के धनी ‘अनुशासित व्यक्तित्व’ ऊर्जावान व महाविद्यालय में नूतन प्रयोगों को कार्य रूप में परिणत करने वाले वर्तमान प्राचार्य कैप्टन डॉ अखिलेस्वर शुक्ला जी जो एक अनुशासन प्रिय व्यक्तित्व है| वर्तमान प्राचार्य मूल रूप से सासाराम बिहार के हैं आप की प्रारंभिक शिक्षा सेंट्रल हिंदू स्कूल वाराणसी और उच्च शिक्षा बीएचयू से हुई आप महा मना के परिसर में 14 वर्ष का समय व्यतीत किए आप छात्र राजनीति से भी जुड़े रहे । आप सामाजिक विज्ञान संकाय के फैकल्टी काउंसलर के रूप में निर्वाचित होकर तत्कालीन संघ अध्यक्ष माननीय श्री मनोज सिन्हा जी[ उपराज्यपाल जम्मू कश्मीर] की कार्यकारिणी में कार्य किया ओमप्रकाश सिंह जी आपके सहपाठी थे उस दौरान श्री महेंद्र नाथ पांडे श्री भरत सिंह बलियाश्री चंचल कुमार सिंह श्री केदारनाथ सिंह एमएलसी श्री राजेश मिश्रा जी आप सभी सर की वरिष्ठ थे आपके इन सभी के साथ संबंध थे और आपने इनके साथ कार्य किया | आप vbs पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक में भी तीन बार प्रतिनिधित्व किआ विगत चुनाव के पूर्व आप उपाध्यक्ष थे आप अनेक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेते रहते हैं अनेक सामाजिक मंचों से आप कई बार पुरस्कृत हो चुके हैं कुछ मंच पर तो डॉक्टर हरेंद्र सिंह जी जहां बैठे हुए हैं आपके हाथों ही पुरस्कार प्राप्त हुए किये है | आपके द्वारा शिक्षित प्रशिक्षित और सृजित अनेक छात्र जीवन के क्षेत्र में अनेक ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं आपके कुछ छात्र तो अभी ए परिणाम में चयनित होकर प्राचार्य के रूप में अनेक महाविद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर रहे हैं| 2003 से 2012 के मध्य आप महाविद्यालय के मुख्य अनुसास्ता के पद पर रहते हुए महाविद्यालय में मोबाइल के प्रयोग को पूर्णत प्रतिबंधित किया था,प्राचार्य पद ग्रहण करने के बाद आप के नेतृत्व में फरवरी 2021 से महाविद्यालय परिसर को पूर्णता नशा मुक्त किया गया, महिला सशक्तिकरणऔर नारी शक्ति पर विश्वास करते हुए एक महिला शिक्षक डॉ सुधा सिंह को मुख्या अनुशास्ता का दायित्व सौंपकर अपनी प्रगतिशील सोच का परिचय दिया, अल्प कार्यकाल में ही आपके कुशल नेतृत्व में महाविद्यालय ने अनेक उपलब्धियां प्राप्त की जैसे तकनीकी सेल का गठन,वेबसाइट का निर्माण महाविद्यालय के मुख्य कैंपस में नवीन प्रसाधन गृह का निर्माण, महाविद्यालय के मुख्य गेट का निर्माण आदि| aap के कुशल मार्गदर्शन में हमारे महाविद्यालय में लगभग 52 प्रोफेसर है जो अपने-अपने विषयों के विद्वान हैं निरंतर अध्ययन अध्यापन और शोध कार्य में लगे रहते हैं| महाविद्यालय के अलग-अलग पाठ्यक्रम में लगभग 4000 विद्यार्थियों की क्षमता है| नई शिक्षा नीति के अनुसार महाविद्यालय में पांच संकाय निरंतर नवप्रवर्तन कार्य तकनीक से शिक्षा व शोध में संलग्न है प्रथम भाषा संकाय दूसरा कला मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय तीसरा विज्ञान संकाय चौथा वाणिज्य संकाय और पांचवा शिक्षा संकाय है सभी प्रोफेसर छात्र व छात्राओं को वैचारिक एवं संवेदनात्मक बोध प्रदान कर रहे हैं हमारी प्राध्यापकों ने मूल्यपरक शिक्षा को अपने शैक्षिक तकनीक में समाहित किया है|
महाविद्यालय में शैक्षिक वातावरण में नवीन ऊर्जा लाने हेतु समय-समय पर व्याख्यान, संगोष्ठी व् वेबिनार आयोजित होते रहते हैं| कोरोन काल में महाविद्यालय
के प्रद्यापको ने ऑनलाइन शिक्षा भी प्रदान किया| महाविद्यालय का अनुशासन सराहनीय है और महाविद्यालय का परिसर पूर्णता नशा मुक्त है|आज जब संपूर्ण भारतवर्ष आजादी की 75 वीं वर्षगांठ आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है इस अवसर पर हमारे महाविद्यालय ने भी अनेक कार्यक्रम को आयोजित किया है जैसे समय-समय पर वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाना, प्लास्टिक के अवशेष को उठाकर प्लास्टिक मुक्त स्वच्छता अभियान चलाना और इसी क्रम में 2 अक्टूबर जब राष्ट्रपिता बाबू जी की जयंती लाल बहादुर शास्त्री की जयंती थी उस दिन हमारे समस्त प्राद्यापक और प्राध्यापिकाो ने स्वयं अपने हाथों से झाड़ू व फावड़ा चला कर महाविद्यालय के वाणिज्य व् विज्ञानं संकाय में स्वच्छता अभियान चलाया और वृक्षारोपण का कार्य किया इसी क्रम में महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर सिंह की धर्मपत्नी 117 वर्षीय वयो वृद्ध महारानी देवी जी को सम्मानित करने का भी कार्य किया गया सम्मान के अवसर पर महारानी जी राज परिवार से अपने लगाओ की चर्चा करके बहुत ही भावुक व् उत्साहित थी|
महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त अनगिनत छात्र सभी का नाम लेना संभव नहीं है शिक्षा जगत प्रशासनिक सेवाएं राजनीति व समाज में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और एक वैभवशाली, गौरवशाली भारत के निर्माण में अपना सहयोग कर रहे हैं| महाविद्यालय ऐसे अनुशासित एवं मेधावी विद्यार्थियों पर हमेशा गर्व करता है| हमारे महाविद्यालय के विद्वान प्राध्यापक अपनी लेखनी से शोध पत्रों और पुस्तकों की रचना करके ज्ञानक्षेत्र को समृद्ध कर रहे हैं| हमारे महाविद्यालय में इधर तीन-चार वर्षों में आयोग से चयनित होकर अनेक प्रतिभाशाली नई उर्जा से पूर्ण अध्यापकों का आगमन हुआ है जिससे महाविद्यालय की जनशक्ति और समृद्ध हुई है हमारे विद्यालय के एनसीसी एनएसएस रोवर्स रेंजर्स तथा खेलकूद में छात्र व छात्राओं ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करके महाविद्यालय के गौरव को बढ़ाया है
एनसीसी के क्षेत्र में नीरज सिंह, हरिओम यादव जैसी एनसीसी के कैडेट राजपथ पर परेड का नेतृत्व कर चुके हैं और प्रदेश स्तर पर राजभवन से पुरस्कृत होने का सम्मान अर्जित किए हैं|
खेलकूद में अनेक उपलब्धियां रही हैं जैसे बृजेश यादव ने कुश्ती में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए चयन प्राप्त किया एवं गोपाल यादव ने 96 किलोग्राम भार वर्ग में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती प्रतियोगिता के लिए चयन प्राप्त किया तलवारबाजी में महाविद्यालय के कई छात्रों ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी फेसिंग प्रतियोगिता में चयनित हो चुके हैं महाविद्यालय के छात्र अनिल कुमार अंतर विश्वविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया
महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा चुकी है| महाविद्यालय के स्वयंसेवी सत्यम शिवम सुंदरम मौर्य ने 2018 में गणतंत्र दिवस परेड शिविर का प्रतिनिधित्व राजपथ पर किया ,साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं संस्कृतियों के आदान-प्रदान के साथ महाविद्यालय का नाम रोशन करते हुए भारत की तरफ से चीन में प्रतिनिधित्व किया| वर्ष 2021 में विशाल कुमार ने गणतंत्र दिवस परेड का प्रतिनिधित्व राजपथ दिल्ली में किया | इन के पीछे महाविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी डॉ संतोष कुमार पांडे का महत्वपूर्ण योगदान रहा आप राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय लखनऊ की तरफ से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उन्हें वर्ष 2019 20 के vbspu के विवेकानंद सम्मान से सम्मानित किया गया है
महाविद्यालय में रोवर्स रेंजर्स के रूप में प्रतिवर्ष छात्र-छात्राएं प्रवीण और निपुण का कोर्स करते हैं महाविद्यालय की टीम जनपदीय, विश्वविद्यालय,व् प्रादेशिक रैलियों में प्रतिभाग करती है वह प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त कर चुकी है|
प्रबंध समिति के वर्तमान अध्यक्ष राजा अवनींद्र दत्त ने 1999 से जिन विकास कार्यों का सृजन किया था उस पथ पर चलने का और उसको और पुष्पित पल्लवित करने के लिए प्राचार्य जी के नेतृत्व में समस्त महाविद्यालय परिवार निरंतर प्रयासरत है |

